Paracetamol During Pregnancy
हेल्थ डेस्क
गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल (Paracetamol During Pregnancy) के उपयोग को लेकर लंबे समय से बनी आशंकाओं के बीच एक बड़े और व्यापक अध्ययन ने राहत देने वाली खबर दी है। अध्ययन में इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिला कि गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल लेने से बच्चे में ऑटिज़्म, ADHD (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) या बौद्धिक अक्षमता का खतरा बढ़ता है।
यह अध्ययन प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल The Lancet Obstetrics, Gynaecology and Women’s Health में प्रकाशित हुआ है और इसे अब तक के सबसे मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्यों में से एक माना जा रहा है।
पैरासिटामोल क्या है और क्यों होता है इसका इस्तेमाल?
पैरासिटामोल (Paracetamol During Pregnancy) एक ओवर-द-काउंटर (OTC) दवा है, जिसे आमतौर पर बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द और हल्के दर्द से राहत के लिए लिया जाता है। गर्भावस्था के दौरान भी यह दवा डॉक्टरों द्वारा अक्सर सुझाई जाती रही है, क्योंकि अन्य पेनकिलर्स की तुलना में इसे अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है।
हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में कुछ अध्ययनों ने यह संकेत दिया था कि गर्भावस्था में पैरासिटामोल लेने से बच्चों में न्यूरोडेवलपमेंटल समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है, जिससे गर्भवती महिलाओं और डॉक्टरों दोनों में भ्रम की स्थिति बन गई थी।
अमेरिका की 2025 की चेतावनी ने बढ़ाई थी चिंता
सितंबर 2025 में अमेरिका के स्वास्थ्य प्रशासन ने एक गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि “पैरासिटामोल और ऑटिज़्म के बीच संबंध के सबूत बढ़ रहे हैं”। इस चेतावनी के बाद दुनिया भर में इस दवा को लेकर बहस तेज हो गई थी।
हालांकि, वैज्ञानिकों का एक बड़ा वर्ग पहले से ही यह कहता आ रहा था कि ऐसे अध्ययन अक्सर पूर्वाग्रह (bias) से ग्रस्त थे और उनमें कई अहम कारकों को अलग से नहीं परखा गया था।
43 अध्ययनों की गहन समीक्षा, मजबूत पद्धति पर जोर
नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 43 अलग-अलग अध्ययनों की समीक्षा की। इस शोध का नेतृत्व University of Liverpool के वैज्ञानिकों ने किया, जबकि यूरोप के कई अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ भी इसमें शामिल रहे।
शोधकर्ताओं ने खासतौर पर उन अध्ययनों को प्राथमिकता दी, जिनमें सिबलिंग कंपैरिजन (भाई-बहन तुलना) जैसी कठोर और विश्वसनीय पद्धतियों का इस्तेमाल किया गया था। इस पद्धति में एक ही मां से जन्मे बच्चों की तुलना की जाती है, जिससे आनुवंशिक और पारिवारिक कारकों का असर काफी हद तक नियंत्रित हो जाता है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
शोधकर्ताओं ने अपने निष्कर्ष में स्पष्ट लिखा:
“वर्तमान साक्ष्य यह संकेत नहीं देते कि निर्देशानुसार पैरासिटामोल लेने से गर्भवती महिलाओं के बच्चों में ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, ADHD या बौद्धिक अक्षमता का कोई clinically significant जोखिम बढ़ता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि जब सिबलिंग कंपैरिजन अध्ययनों को देखा गया, तो गर्भावस्था में पैरासिटामोल के उपयोग और ऑटिज़्म के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया।
पहले क्यों दिखे थे नकारात्मक संबंध?
शोधकर्ताओं के अनुसार, पहले के कई अध्ययनों में जो संबंध सामने आए थे, वे सीधे पैरासिटामोल के कारण नहीं थे, बल्कि अन्य कारकों से जुड़े हो सकते हैं।
इनमें शामिल हैं:
- मां को होने वाला बुखार या संक्रमण
- गर्भावस्था के दौरान दर्द या असुविधा
- आनुवंशिक प्रवृत्तियां
- पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याएं
इन सभी कारकों का अपने आप में भ्रूण के विकास पर असर पड़ सकता है, और इन्हें अलग किए बिना पैरासिटामोल को दोषी ठहराना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं था।
स्वतंत्र विशेषज्ञों की राय
ऑस्ट्रेलिया की University of Adelaide में पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ता रुद्ररूप भट्टाचार्य, जो इस अध्ययन का हिस्सा नहीं थे, ने कहा कि यह शोध बेहद महत्वपूर्ण है।
उनके अनुसार:
“पहले की चिंताएं मुख्य रूप से ऐसे अवलोकनात्मक अध्ययनों पर आधारित थीं, जो यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि असर पैरासिटामोल का था या उन कारणों का, जिनके लिए यह दवा ली गई थी — जैसे बुखार, दर्द या संक्रमण।”
उन्होंने कहा कि नया अध्ययन इन पूर्वाग्रहों को दूर करता है और यह स्पष्ट करता है कि पहले बताए गए संबंध कारणात्मक (causal) नहीं थे।
Lancet में प्रकाशित टिप्पणी ने भी की पुष्टि
इस अध्ययन के साथ ही London School of Hygiene and Tropical Medicine सहित कई संस्थानों के शोधकर्ताओं ने एक टिप्पणी लेख भी प्रकाशित किया।
उन्होंने लिखा:
“यह अध्ययन पुष्टि करता है कि सबसे मजबूत महामारी विज्ञान साक्ष्य गर्भावस्था में पैरासिटामोल के उपयोग और बच्चों में न्यूरोडेवलपमेंटल नुकसान के बीच किसी संबंध का समर्थन नहीं करते।”
विशेषज्ञों ने यह भी जोर दिया कि गर्भावस्था में अनियंत्रित बुखार और संक्रमण भ्रूण के लिए कहीं अधिक खतरनाक हो सकते हैं, और ऐसे में पैरासिटामोल एक महत्वपूर्ण और वैज्ञानिक रूप से समर्थित विकल्प बना रहता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए क्या संदेश?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह अध्ययन गर्भवती महिलाओं के लिए एक आश्वस्त करने वाला संदेश लेकर आया है। हालांकि, वे यह भी सलाह देते हैं कि:
- दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह से लें
- निर्धारित मात्रा और अवधि का पालन करें
- किसी भी दवा का अनावश्यक सेवन न करें
निष्कर्ष: डर नहीं, विज्ञान पर भरोसा
यह नया अध्ययन (Paracetamol During Pregnancy) एक बार फिर यह साबित करता है कि मजबूत वैज्ञानिक पद्धति के बिना निकाले गए निष्कर्ष भ्रम पैदा कर सकते हैं। पैरासिटामोल को लेकर जो डर पिछले कुछ वर्षों में फैला, वह अब वैज्ञानिक रूप से काफी हद तक दूर हो चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह शोध न केवल गर्भवती महिलाओं को राहत देगा, बल्कि डॉक्टरों को भी साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में मदद करेगा।

