पंतनगर (उधम सिंह नगर): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शनिवार को कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर में भव्य उद्घाटन। इस अवसर पर देश-विदेश से आये किसान उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले का उद्घाटन करते हुए प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया और विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित विभिन्न साहित्य का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के कृषि मेले किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि यहां उन्हें नई तकनीकों, नवाचारों और आधुनिक कृषि पद्धतियों के बारे में जानकारी मिलती है। साथ ही वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर भी प्राप्त होता है।
किसान हमारे अन्नदाता और देश के असली नायक: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में किसानों की भूमिका को देश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसान ही हमारे अन्नदाता और असली नायक हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और समर्पण के कारण ही देश में खाद्यान्न उत्पादन संभव हो पाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की संकल्पना में किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब किसान मजबूत होगा तो गांव मजबूत होंगे और गांव मजबूत होंगे तो देश का समग्र विकास संभव होगा।
उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और कृषि के क्षेत्र में नवाचारों का लाभ उठाने की अपील भी की।
9 लाख से अधिक किसानों को मिल रहा किसान सम्मान निधि का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से देशभर के 10 करोड़ से अधिक किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी की गई है। उत्तराखंड में भी इस योजना का व्यापक लाभ किसानों को मिल रहा है और प्रदेश के 9 लाख से अधिक किसान इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनकी आय को बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रही है।
जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए 25 करोड़ की पहली किस्त
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों के सामने जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए घेरबाड़ योजना के तहत 25 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि इस धनराशि का उपयोग खेतों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जाएगा, जिससे किसानों की मेहनत से उगाई गई फसलें सुरक्षित रह सकें।
किसानों को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। इनमें प्रमुख रूप से फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, किसान मानधन योजना, बागवानी विकास योजना, कृषि यंत्र अनुदान योजना और बूंद-बूंद सिंचाई योजना शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे किसानों को खेती के लिए आसानी से ऋण उपलब्ध हो सकेगा।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस और एरोमा वैली पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को बढ़ावा दे रही है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में पॉलीहाउस खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए 200 करोड़ रुपये की लागत से पॉलीहाउस योजना चलाई जा रही है। अब तक लगभग 115 करोड़ रुपये की लागत से 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।
इसके अलावा प्रदेश में 07 एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं, जहां सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसानों को बेहतर आय के नए अवसर मिलेंगे।
ड्रैगन फ्रूट और बागवानी को भी मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ कृषि में नई फसलों को भी अपनाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि राज्य में ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, क्योंकि बाजार में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति भी लागू की है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में बागवानी को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र विशेष के लिए अलग-अलग योजनाएं लागू की जा रही हैं।
मशरूम और शहद उत्पादन में भी बढ़ी उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में कृषि और बागवानी के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश में फलों के उत्पादन में लगभग ढाई प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके अलावा मशरूम उत्पादन 27 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है और इस क्षेत्र में उत्तराखंड अब देश में पांचवें स्थान पर आ गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन की भी अपार संभावनाएं हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 3300 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन हो रहा है और इस क्षेत्र में उत्तराखंड देश में आठवें स्थान पर पहुंच गया है।
कृषि क्षेत्र के लिए बजट में भी विशेष प्रावधान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि हाल ही में राज्य विधानसभा में 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया है। इस बजट में कृषि, उद्यान, एरोमैटिक खेती, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और कृषि अनुसंधान जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष धनराशि का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
किसान मेले में 350 से अधिक स्टॉल, प्रतिदिन 20 हजार से ज्यादा लोग
कार्यक्रम में पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में आयोजित 119वां अखिल भारतीय किसान मेला किसानों के लिए ज्ञान और नवाचार का महत्वपूर्ण मंच है।
उन्होंने बताया कि इस मेले में 350 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां कृषि से जुड़ी नई तकनीकों, उपकरणों और उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। मेले में प्रतिदिन लगभग 20 हजार से अधिक लोग भाग ले रहे हैं।
कुलपति ने विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे अनुसंधान कार्यों और किसानों के हित में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी भी साझा की।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक तिलक राज बेहड़, मेयर विकास शर्मा, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
किसानों से नई तकनीक अपनाने की अपील
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अगर किसान नई तकनीकों को अपनाएंगे तो उनकी आय में वृद्धि होगी और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत बनेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार किसानों के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और आगे भी किसानों के हित में नई योजनाएं लागू की जाएंगी।

