Oscar 2026 ShortlistHomebound Oscar Shortlist,

मुंबई/लॉस एंजेलिस।

भारतीय सिनेमा के लिए एक और गौरवपूर्ण क्षण सामने आया है। मशहूर फिल्ममेकर नीरज घायवान (Neeraj Ghaywan) की दूसरी फीचर फिल्म ‘Homebound’ को 98वें अकादमी अवॉर्ड्स (Oscar 2026) की Best International Feature Film कैटेगरी की शॉर्टलिस्ट में शामिल किया गया है। यह घोषणा अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने मंगलवार, 16 दिसंबर को की।

इस उपलब्धि के साथ Homebound Oscar Shortlist में जगह बनाने वाली उन 15 फिल्मों में शामिल हो गई है, जो अब सीधे ऑस्कर नामांकन की दौड़ में पहुंच चुकी हैं। आने वाले चरण में अकादमी के सभी विभागों के सदस्य इन 15 फिल्मों को देखेंगे और मतदान के बाद फाइनल नॉमिनेशन तय किए जाएंगे।


भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी छलांग

Indian Film Oscars के इतिहास में यह उपलब्धि इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि ‘Homebound’ एक ऐसी फिल्म है जो व्यावसायिक चकाचौंध से अलग जमीनी, यथार्थवादी और सामाजिक-सांस्कृतिक सिनेमा की प्रतिनिधि है। नीरज घायवान इससे पहले अपनी पहली फिल्म ‘मसान’ के जरिए अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुके हैं, और अब ‘Homebound’ के जरिए उन्होंने इस पहचान को और मजबूत किया है।


करण जौहर की भावुक प्रतिक्रिया

फिल्म के निर्माता करण जौहर ने इस खबर पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा,

“मैं शायद यह शब्दों में पूरी तरह व्यक्त नहीं कर पा रहा कि ‘Homebound’ की इस यात्रा पर मुझे कितना गर्व, खुशी और रोमांच महसूस हो रहा है। धर्मा मूवीज़ के लिए यह बेहद सम्मान की बात है कि यह फिल्म हमारी फिल्मोग्राफी का हिस्सा बनी। नीरज घायवान को धन्यवाद, जिन्होंने हमारे कई सपनों को सच किया। कान्स से लेकर ऑस्कर शॉर्टलिस्ट तक का सफर अविश्वसनीय रहा है।”

करण जौहर का यह बयान साफ दर्शाता है कि Homebound Movie News न सिर्फ एक फिल्म की सफलता है, बल्कि भारतीय सिनेमा की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक भी है।


स्टार कास्ट और दमदार परफॉर्मेंस

फिल्म में ईशान खट्टर, विशाल जेठवा और जान्हवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में नजर आते हैं।
ईशान खट्टर और विशाल जेठवा ने दो ऐसे दोस्तों की भूमिका निभाई है, जो सम्मान और पहचान की तलाश में पुलिस की नौकरी पाने का सपना देखते हैं, लेकिन सामाजिक और राजनीतिक सच्चाइयों में फंस जाते हैं।

जान्हवी कपूर की भूमिका फिल्म में भावनात्मक गहराई जोड़ती है और यह उनके करियर की अब तक की सबसे गंभीर और परिपक्व प्रस्तुतियों में से एक मानी जा रही है।


कहानी: यथार्थ की कठोर परतें

Best International Feature Film Oscar की दौड़ में शामिल ‘Homebound’ दो बचपन के दोस्तों—शोएब (ईशान खट्टर) और चंदन (विशाल जेठवा)—की कहानी है। दोनों पुलिस की नौकरी को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का जरिया मानते हैं, लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास होता है कि व्यवस्था की सच्चाई बेहद कठोर और अमानवीय है।

फिल्म भारत की सामाजिक-राजनीतिक वास्तविकताओं, पहचान की राजनीति, वर्गभेद और व्यवस्था की बेरुखी को बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है।


न्यूयॉर्क टाइम्स लेख से प्रेरित

‘Homebound’ की कहानी पत्रकार बशारत पीर के 2020 में प्रकाशित New York Times के लेख “Taking Amrit Home” से प्रेरित है। यह लेख भारत में आम लोगों की संघर्षपूर्ण ज़िंदगी और संस्थागत जटिलताओं को उजागर करता है, जिसे नीरज घायवान ने सिनेमा की भाषा में प्रभावशाली ढंग से रूपांतरित किया है।


मार्टिन स्कॉर्सेसी का जुड़ाव

फिल्म की अंतरराष्ट्रीय साख को और मजबूत करता है हॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक मार्टिन स्कॉर्सेसी का इससे जुड़ाव। स्कॉर्सेसी इस फिल्म में एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर की भूमिका में हैं। उनका नाम जुड़ना ही यह संकेत देता है कि ‘Homebound’ वैश्विक स्तर पर कितनी गंभीर और कलात्मक फिल्म मानी जा रही है।


कान्स से ऑस्कर तक का सफर

‘Homebound’ इससे पहले कान्स फिल्म फेस्टिवल में भी सराही जा चुकी है। वहां फिल्म को आलोचकों और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। अब Homebound Oscar Shortlist में जगह बनाकर इसने यह साबित कर दिया है कि भारतीय आर्ट-हाउस सिनेमा वैश्विक मंच पर मजबूती से खड़ा है।


ऑस्कर शॉर्टलिस्ट में शामिल अन्य देश

इस कैटेगरी में भारत के साथ जिन देशों की फिल्में शॉर्टलिस्ट हुई हैं, उनमें शामिल हैं:

  • अर्जेंटीना – Belén
  • ब्राजील – The Secret Agent
  • फ्रांस – It Was Just an Accident
  • जर्मनी – Sound of Falling
  • जापान – Kokuho
  • दक्षिण कोरिया – No Other Choice
  • स्पेन, स्विट्ज़रलैंड, ताइवान, ट्यूनीशिया समेत कई देश

यह प्रतिस्पर्धा बताती है कि ‘Homebound’ दुनिया के बेहतरीन सिनेमा के बीच अपनी जगह बना रही है।


भारतीय सिनेमा के लिए उम्मीद

फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ‘Homebound’ फाइनल नॉमिनेशन में जगह बनाती है, तो यह भारतीय सिनेमा के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यह सफलता उन फिल्मों के लिए रास्ता खोलेगी जो समाज की सच्ची कहानियों को ईमानदारी से सामने लाती हैं।


निष्कर्ष

Neeraj Ghaywan Film ‘Homebound’ का ऑस्कर शॉर्टलिस्ट में पहुंचना सिर्फ एक फिल्म की जीत नहीं, बल्कि भारतीय कहानी कहने की परंपरा की अंतरराष्ट्रीय मान्यता है। अब सबकी नजरें अगले चरण पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि ‘Homebound’ ऑस्कर नामांकन तक का सफर तय कर पाती है या नहीं।

By Bhaskar

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