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Niti Extreme Ultra Run 2026: सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई उड़ान, मुख्यमंत्री धामी ने काउंटडाउन रन को दिखाई हरी झंडी

देहरादून: उत्तराखंड को एडवेंचर स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स टूरिज्म के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन कार्यक्रम को फ्लैग ऑफ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मशाल प्रज्ज्वलित कर प्रतिभागियों के साथ प्रतीकात्मक दौड़ में हिस्सा लिया और आयोजन के शुभंकर ‘क्यालु- हिम तेंदुआ’ का अनावरण भी किया।

नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026

यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे सीमांत क्षेत्रों के विकास, पर्यटन विस्तार, स्थानीय रोजगार और युवा उद्यमिता से जोड़कर देखा जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि यह आयोजन उत्तराखंड के दुर्गम इलाकों को नई पहचान देने में अहम भूमिका निभा सकता है।

सीमांत क्षेत्रों में नए अवसरों का माध्यम बनेगा आयोजन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 केवल एक दौड़ नहीं बल्कि सीमांत क्षेत्रों में नए अवसरों, नई ऊर्जा और नए विश्वास को जगाने का अभियान है।

उन्होंने कहा कि युवाओं का उत्साह और सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड के युवाओं में साहस, संकल्प और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भरपूर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कार्यक्रम में गूंजते युवाओं के कदम भविष्य में नीति घाटी की ऊंचाइयों पर नया इतिहास लिखेंगे। उन्होंने प्रतिभागियों को उत्तराखंड के पर्यटन, संस्कृति और साहस का वास्तविक ब्रांड एंबेसडर बताया।

‘क्यालु- हिम तेंदुआ’ शुभंकर का अनावरण, प्रतीकात्मक संदेश

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘क्यालु- हिम तेंदुआ’ नामक आधिकारिक शुभंकर का अनावरण किया। हिम तेंदुआ उत्तराखंड के पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों की जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के शुभंकर आयोजनों को सांस्कृतिक पहचान देने के साथ-साथ पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद करते हैं।

यह सिर्फ दौड़ नहीं, इच्छाशक्ति की परीक्षा: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नीति घाटी जैसे चुनौतीपूर्ण और दुर्गम क्षेत्र में दौड़ना केवल शारीरिक क्षमता का परीक्षण नहीं बल्कि इच्छाशक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास की भी परीक्षा है।

उन्होंने कहा कि ऐसे इलाकों में दौड़ने के लिए मजबूत मानसिक शक्ति, हिमालय जैसा अडिग विश्वास और कठिनाइयों को स्वीकार करने का साहस जरूरी होता है।

मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ इस आयोजन में हिस्सा लें और सुरक्षित तरीके से इसे पूरा कर नया इतिहास रचें।

27 राज्यों और 2 देशों से 900 से अधिक प्रतिभागी

इस आयोजन की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के 27 राज्यों और 2 अन्य देशों से 900 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है।

इतनी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि उत्तराखंड अब धीरे-धीरे एडवेंचर स्पोर्ट्स और हाई-एल्टीट्यूड स्पोर्ट्स आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की भागीदारी राज्य के पर्यटन उद्योग को बड़ा लाभ पहुंचा सकती है।

सीमांत गांवों को नई पहचान देने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन का भी उल्लेख किया जिसमें सीमावर्ती गांवों को देश के अंतिम नहीं बल्कि पहले गांव के रूप में देखा जाता है।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन उस सोच को धरातल पर उतारने का प्रयास है। नीति घाटी जैसे सीमांत क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे।

इससे होमस्टे, स्थानीय उत्पाद, पर्यटन सेवाओं और युवा उद्यमिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

उत्तराखंड को एडवेंचर स्पोर्ट्स हब बनाने की तैयारी

राज्य सरकार लगातार उत्तराखंड को एडवेंचर स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिट इंडिया मूवमेंट, खेलो इंडिया और राष्ट्रीय खेलों जैसे अभियानों ने देश में खेल संस्कृति को नई पहचान दी है। उत्तराखंड भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों और पर्वतीय भौगोलिक स्थिति का उपयोग कर अंतरराष्ट्रीय स्तर के एडवेंचर आयोजनों को बढ़ावा दिया जाए।

31 मई को नीति घाटी में होगा मुख्य आयोजन

गौरतलब है कि 31 मई 2026 को नीति घाटी में आयोजित होने वाला मुख्य आयोजन उत्तराखंड के खेल और एडवेंचर टूरिज्म इतिहास में महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

नीति घाटी की चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच होने वाली यह दौड़ प्रतिभागियों की क्षमता और सहनशक्ति की परीक्षा लेगी।

राज्य सरकार को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल कर सकता है।

पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 जैसे आयोजन केवल खेल तक सीमित नहीं रहते बल्कि इनका सीधा प्रभाव स्थानीय व्यवसाय, होटल उद्योग, होमस्टे, परिवहन और रोजगार पर पड़ता है।

यदि इस तरह के आयोजन नियमित रूप से आयोजित होते हैं तो सीमांत क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल सकती है।

फिलहाल स्पष्ट है कि उत्तराखंड सरकार इस आयोजन के जरिए खेल, पर्यटन और सीमांत विकास को एक साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।

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