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Nigeria में ISIS पर US का घातक हमला: क्रिसमस डे पर ट्रंप का ‘Power Strike’, मारे गए कई आतंकी

Nigeria ISIS Airstrike

File Photo

Nigeria ISIS Airstrike

नई दिल्ली / वॉशिंगटन:
अफ्रीकी देश नाइजीरिया में आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ अमेरिका ने बड़ा और घातक सैन्य अभियान Nigeria ISIS Airstrike चलाया है। Donald Trump ने खुद इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया में ISIS ठिकानों पर “powerful and deadly” हवाई हमले किए, जिसमें कई आतंकियों को मार गिराया गया।

ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने पहले ही आतंकियों को चेतावनी दी थी कि यदि नाइजीरिया में ईसाइयों की हत्या बंद नहीं हुई, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। क्रिसमस के दिन हुए इन हमलों को उन्होंने उसी चेतावनी का परिणाम बताया।


🎄 क्रिसमस डे पर हमला, ट्रंप का सख्त संदेश

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा,

“मैंने पहले ही इन आतंकियों को चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने ईसाइयों का कत्लेआम बंद नहीं किया, तो इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। आज रात वही हुआ।”

उन्होंने अमेरिकी सेना की तारीफ करते हुए कहा,

“May God Bless our Military… और Merry Christmas, उन मृत आतंकियों को भी।”

ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इसे धार्मिक हिंसा के संदर्भ में अमेरिका की सबसे आक्रामक प्रतिक्रिया माना जा रहा है।


🛡️ Pentagon और US Africa Command की पुष्टि

अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने भी पुष्टि की कि यह हमला नाइजीरियाई सरकार के अनुरोध पर किया गया। हालांकि, ऑपरेशन से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।

US Africa Command ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि Sokoto State में किए गए इस हमले में “multiple ISIS terrorists” मारे गए हैं।


Nigeria ISIS Airstrike नाइजीरिया सरकार के साथ सैन्य सहयोग

अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भी इस ऑपरेशन की सराहना की और नाइजीरिया सरकार के सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अफ्रीका में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।

यह हमला ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल में नाइजीरिया में पहला अमेरिकी सैन्य हमला माना जा रहा है।


⚠️ धार्मिक हिंसा बनाम जटिल सुरक्षा संकट

ट्रंप इससे पहले भी अक्टूबर और नवंबर में नाइजीरिया को लेकर कड़े बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि वहां ईसाइयों के सामने “existential threat” है, जिसे उन्होंने “genocide” तक करार दिया।

हालांकि, नाइजीरिया सरकार और स्वतंत्र सुरक्षा विशेषज्ञ इस तर्क को खारिज करते हैं। उनका कहना है कि देश में हिंसा की जड़ें धार्मिक नहीं बल्कि सुरक्षा और अपराध से जुड़ी समस्याएं हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, नाइजीरिया में मुस्लिम और ईसाई आबादी लगभग बराबर है—उत्तर में मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं, जबकि दक्षिण में ईसाई बहुल इलाके।


🔥 Boko Haram और Bandits की दोहरी मार

नाइजीरिया पिछले 15 वर्षों से आतंकी हिंसा का सामना कर रहा है। देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में Boko Haram ने अब तक 40,000 से अधिक लोगों की जान ली है और करीब 20 लाख लोग विस्थापित हुए हैं।

वहीं, उत्तर-पश्चिम और मध्य नाइजीरिया में “bandits” नामक आपराधिक गिरोह गांवों पर हमले, अपहरण और हत्याएं कर रहे हैं। इन हमलों का शिकार सभी धर्मों के लोग हो रहे हैं।


🌍 अमेरिका की धार्मिक स्वतंत्रता नीति

अमेरिका ने इस साल नाइजीरिया को दोबारा उन देशों की सूची में डाला है, जिन्हें “Country of Particular Concern” माना जाता है। इसके साथ ही नाइजीरियाई नागरिकों के लिए कुछ वीजा प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वह दुनिया भर में ईसाइयों के उत्पीड़न को गंभीरता से लेता है और जहां जरूरत होगी, वहां कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।


🧭 अफ्रीका में अमेरिकी रणनीति का संकेत

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह हमला सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि अफ्रीका में अमेरिका की बदली हुई रणनीति का संकेत है। हालांकि, कुछ जानकारों का यह भी कहना है कि इस तरह के बयान और हमले नाइजीरिया जैसे संवेदनशील देश में धार्मिक तनाव को और भड़का सकते हैं।


📝 निष्कर्ष

नाइजीरिया में ISIS पर अमेरिका का यह हमला (Nigeria ISIS Airstrike) आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देता है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या इस तरह की कार्रवाइयों से क्षेत्र में स्थायी शांति आएगी या हालात और जटिल होंगे। ट्रंप का आक्रामक रुख स्पष्ट है—ईसाइयों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, चाहे उसके लिए सैन्य ताकत ही क्यों न इस्तेमाल करनी पड़े।

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