नई दिल्ली/जयपुर/नासिक: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला को लेकर सामने आए कथित पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच तेज कर दी है। मामले में FIR दर्ज होने के बाद एजेंसी ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के जमवारामगढ़ क्षेत्र से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक हिरासत में लिए गए व्यक्ति के दोनों बेटे डॉक्टर बताए जा रहे हैं और जांच एजेंसियां उससे गहन पूछताछ कर रही हैं।
इसी बीच जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र के नासिक से डॉ. शुभम खैरनार नाम के एक मेडिकल छात्र को भी हिरासत में लिया है। शुभम भोपाल के एक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में BAMS अंतिम वर्ष का छात्र बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित और प्रोफेशनल तरीके से संचालित किया जा रहा था।
शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
दरअसल, NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला तब गंभीर हो गया जब उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद CBI ने आधिकारिक तौर पर केस दर्ज किया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि NEET-UG 2026 परीक्षा के आयोजन से पहले परीक्षा से जुड़े कुछ गोपनीय दस्तावेजों का अनधिकृत प्रसार किया गया था।
CBI ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। इसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और सबूत नष्ट करने जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और Public Examination Prevention of Unfair Means Act 2024 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
जांच एजेंसी का मानना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर ही नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य और देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करेगा।
NTA को पहले ही मिल चुके थे इनपुट
CBI की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि NEET-UG 2026 परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई 2026 को किया गया था। परीक्षा से पहले कुछ संदिग्ध गतिविधियों और कथित दस्तावेज लीक होने की सूचनाएं NTA को मिली थीं।
शिकायत में कहा गया कि कुछ लोगों द्वारा परीक्षा सामग्री से जुड़े दस्तावेजों को अनधिकृत रूप से प्रसारित किया गया, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका बनी। हालांकि NTA ने उस समय परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बताते हुए परीक्षा आयोजित कराई थी, लेकिन अब मामले के CBI तक पहुंचने के बाद पूरे घटनाक्रम की गंभीरता बढ़ गई है।
CBI की विशेष टीमें कई राज्यों में सक्रिय
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए CBI ने विशेष जांच टीमें गठित की हैं। एजेंसी की टीमें राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और अन्य संभावित स्थानों पर लगातार छापेमारी और पूछताछ कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित पेपर लीक का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। एजेंसी डिजिटल सबूत, मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।
CBI यह भी खंगाल रही है कि कहीं परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र या उससे जुड़े संकेत उपलब्ध तो नहीं कराए गए थे। यदि ऐसा हुआ है तो इसमें शामिल लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
मेडिकल छात्र की गिरफ्तारी से बढ़ी जांच की गंभीरता
जांच एजेंसी द्वारा हिरासत में लिए गए डॉ. शुभम खैरनार का नाम सामने आने के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। शुभम खुद मेडिकल शिक्षा से जुड़ा छात्र है और भोपाल के एक कॉलेज में BAMS अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है।
सूत्रों का कहना है कि शुभम के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संपर्कों की जांच की जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसका इस कथित नेटवर्क में क्या रोल था और क्या वह अन्य आरोपियों के संपर्क में था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मेडिकल शिक्षा से जुड़े छात्र या पेशेवर इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं तो यह बेहद गंभीर चिंता का विषय होगा, क्योंकि इससे पूरी चयन प्रक्रिया की साख प्रभावित होती है।
लाखों छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
NEET परीक्षा देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। हर वर्ष लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की खबरों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए परीक्षा सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करना जरूरी है। साथ ही डिजिटल निगरानी और एन्क्रिप्टेड परीक्षा प्रबंधन जैसी तकनीकों को और प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है।
आगे क्या होगा?
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला को लेकर CBI फिलहाल मामले की प्रारंभिक जांच में जुटी हुई है। एजेंसी आने वाले दिनों में कई और लोगों से पूछताछ कर सकती है। साथ ही विभिन्न राज्यों में संदिग्धों के ठिकानों पर कार्रवाई भी तेज होने की संभावना है।
जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यदि परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता, पेपर लीक या आर्थिक लेनदेन के ठोस सबूत मिलते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे देश की नजर इस हाई-प्रोफाइल जांच पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में CBI की जांच से कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

