नीमका जेल आतंकी हत्या मामला: हरियाणा के फरीदाबाद स्थित नीमका जेल से एक सनसनीखेज और गंभीर घटना सामने आई है। जेल में बंद आतंकी अब्दुल रहमान की देर रात सिर पर नुकीली चीज से वार कर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप उसी जेल में बंद कैदी अरुण चौधरी पर लगा है, जिसे कुछ समय पहले जम्मू‑कश्मीर से नीमका जेल शिफ्ट किया गया था।
घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या के लिए किसी नुकीली वस्तु का इस्तेमाल किया गया।
देर रात हुई वारदात, जेल सुरक्षा पर सवाल
जेल सूत्रों के मुताबिक, हत्या की यह वारदात देर रात उस समय हुई जब बैरकों में गतिविधियां न्यूनतम होती हैं। शुरुआती संकेतों के अनुसार, आरोपी कैदी ने सुनियोजित तरीके से हमला किया। सवाल यह उठ रहा है कि हाई-सिक्योरिटी कैदी होने के बावजूद अब्दुल रहमान तक हमला करने का हथियार कैसे पहुंचा।
घटना के बाद जेल कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। पुलिस ने जेल स्टाफ से पूछताछ शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सुरक्षा में कहां चूक हुई।
ACP अशोक कुमार का बयान
नीमका जेल में हुई हत्या की पुष्टि करते हुए ACP अशोक कुमार ने बताया कि इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के सटीक कारणों और तरीके की पुष्टि हो सकेगी।
ACP के अनुसार, आरोपी कैदी अरुण चौधरी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
2 मार्च 2025 को दो हैंड ग्रेनेड के साथ हुआ था गिरफ्तार
20 वर्षीय आतंकी अब्दुल रहमान को 2 मार्च 2025 को दो जिंदा हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसे पाली गांव के पास पकड़ा गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, उस पर अयोध्या में बड़े आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप था।
अब्दुल रहमान उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर का रहने वाला था। उसके पास से राम मंदिर से जुड़ी कुछ अहम जानकारियों वाले वीडियो भी बरामद हुए थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई थी।
गुजरात STF और हरियाणा STF की संयुक्त कार्रवाई
अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी गुजरात STF और हरियाणा STF की संयुक्त कार्रवाई में हुई थी। दोनों हैंड ग्रेनेड को बाद में बम निरोधक दस्ते द्वारा सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया था।
जांच एजेंसियों ने उस वक्त कहा था कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो देश की आंतरिक सुरक्षा को बड़ा खतरा हो सकता था।
AQIS और ISKP से कनेक्शन का खुलासा
पूछताछ और डिजिटल फॉरेंसिक जांच में यह सामने आया कि अब्दुल रहमान का संपर्क AQIS के कुख्यात आतंकी अबू सूफियान से था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अबू सूफियान ने ही अपना हैंडलर भेजकर फरीदाबाद की बांस रोड के पास खेत में गड्ढा खुदवाया था, जहां दो ग्रेनेड और डेटोनेटर छिपाए गए थे।
इसके अलावा, आतंकी नेटवर्क का संबंध ISKP से भी जोड़ा गया था, जिससे मामला अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश की ओर इशारा करता है।
सोशल मीडिया से भर्ती, ऑनलाइन ब्रेनवॉशिंग
जांच एजेंसियों के अनुसार, अब्दुल रहमान पिछले डेढ़ साल से सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा फैला रहा था। उसने शुरुआत TikTok से की थी। प्लेटफॉर्म बैन होने के बाद वह Instagram पर सक्रिय हो गया।
बार-बार कंटेंट पर स्ट्राइक लगने के बाद वह जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया। इसी दौरान वह AQIS-ISKP मॉड्यूल के संपर्क में आया, जहां उसे ऑनलाइन ट्रेनिंग, निर्देश और वैचारिक ब्रेनवॉशिंग दी गई।
4 अप्रैल को अयोध्या पहुंचने का था प्लान
जांच में सामने आया था कि अबू सूफियान के निर्देश पर अब्दुल रहमान को 4 अप्रैल को अयोध्या पहुंचना था। माना जा रहा था कि इसी दौरान किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की योजना थी। हालांकि, 2 मार्च को ही गुजरात ATS और हरियाणा STF की कार्रवाई ने इस साजिश को नाकाम कर दिया।
जेल में हत्या के बाद उठे गंभीर सवाल
नीमका जेल में अब्दुल रहमान की हत्या ने एक बार फिर जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर ऐसे कैदी, जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में बंद हों, उनकी निगरानी और सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि जेल प्रशासन, सुरक्षा प्रोटोकॉल और खुफिया समन्वय की परीक्षा भी है।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस आरोपी कैदी अरुण चौधरी से पूछताछ कर रही है। न्यायिक जांच के निष्कर्ष और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि हत्या किसी निजी रंजिश का नतीजा थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है।
नीमका जेल आतंकी हत्या मामला आने वाले दिनों में सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
