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भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष पर दुष्कर्म के आरोप: फेसबुक लाइव के बीच पुलिस हिरासत, हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद हायर सेंटर रेफर

भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष दुष्कर्म मामला

File Photo

दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, रंगदारी और गर्भपात कराने के आरोपों में नामजद आरोपी को पुलिस ने देर रात हिरासत में लिया, कार्रवाई के दौरान फेसबुक लाइव और कथित जहरीला पदार्थ पीने से मामला और चर्चाओं में

नैनीताल: नैनीताल जिले के भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष दुष्कर्म मामला उस समय और सुर्खियों में आ गया, जब गंभीर आरोपों का सामना कर रहे व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे को देर रात पुलिस ने उनके आवास से हिरासत में लिया। पुलिस कार्रवाई के दौरान घटनाक्रम ने नाटकीय मोड़ ले लिया। आरोपी ने फेसबुक लाइव शुरू कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और इसी दौरान कथित तौर पर कोई जहरीला पदार्थ भी पी लिया। बाद में पुलिस उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले गई, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हल्द्वानी के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

यह मामला केवल एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया, न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस कार्रवाई को लेकर भी व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, भवाली क्षेत्र की एक युवती ने नरेश पांडे के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, रंगदारी और गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने नियमानुसार जांच शुरू की और पीड़िता के बयान जिला न्यायालय में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 183 (पूर्व में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164) के तहत दर्ज कराए।

पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों और न्यायालय में दर्ज बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई। इसी क्रम में देर रात नैनीताल, भवाली और हल्द्वानी पुलिस की संयुक्त टीम आरोपी के घर पहुंची।

देर रात संयुक्त पुलिस टीम ने की कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नरेश पांडे को हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी मामले में नामजद और वांछित था तथा उससे पूछताछ और आगे की वैधानिक कार्रवाई आवश्यक थी।

पुलिस के पहुंचते ही इलाके में हलचल मच गई। स्थानीय लोग भी घटनास्थल के आसपास एकत्र होने लगे। इसी बीच घटनाक्रम ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने पूरे मामले को और अधिक चर्चित बना दिया।

फेसबुक लाइव के जरिए लगाते रहे आरोप

पुलिस कार्रवाई के दौरान नरेश पांडे अपने घर की बालकनी में पहुंचे और फेसबुक लाइव शुरू कर दिया। लाइव वीडियो में उन्होंने दावा किया कि पुलिस बिना वारंट उनके घर पहुंची है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनके परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि युवती ने न्यायालय में दिए गए बयान उनके पक्ष में दिए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने अपनी कार्रवाई को कानून सम्मत बताया है।

फेसबुक लाइव के दौरान ही वीडियो अचानक समाप्त हो गया। इसके बाद माना गया कि पुलिस ने उन्हें अपने नियंत्रण में ले लिया।

कथित रूप से जहरीला पदार्थ पीने का दावा

घटनाक्रम के दौरान नरेश पांडे ने कथित तौर पर कोई जानलेवा पदार्थ भी पी लिया। पुलिस उन्हें तत्काल बीडी पांडे चिकित्सालय, नैनीताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया।

चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें हल्द्वानी के हायर सेंटर रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि फेसबुक लाइव के दौरान भी उन्होंने जहरीला पदार्थ पीने की बात कही थी।

फिलहाल उनकी चिकित्सकीय निगरानी जारी है और पुलिस भी अस्पताल प्रशासन के संपर्क में बनी हुई है।

पहले भी हुई थी लंबी पूछताछ

इस मामले में यह पहली पुलिस कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी नैनीताल पुलिस ने नरेश पांडे से करीब 24 घंटे तक पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था।

बाद में आरोपी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, लेकिन वहां उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। फिलहाल मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है।

हालांकि, पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आए नए साक्ष्यों के आधार पर हिरासत में लेने की कार्रवाई की गई।

एसएसपी ने क्या कहा?

नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजूनाथ टीसी ने कहा कि नरेश पांडे के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, रंगदारी और गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज है।

उन्होंने बताया कि आरोपी नामजद और वांछित था। विवेचना के दौरान मिले महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर उससे पूछताछ और आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस टीम भेजी गई थी।

एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की गई है और मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।

संवेदनशील मामलों में संतुलित जांच की आवश्यकता

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यौन अपराधों से जुड़े मामलों में पुलिस और न्यायालय दोनों की भूमिका अत्यंत संवेदनशील होती है। एक ओर पीड़िता को न्याय दिलाना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर आरोपी को भी कानून के तहत निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार प्राप्त है।

ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो या दावे जांच का विकल्प नहीं हो सकते। अंतिम सत्य केवल न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होता है।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ, चिकित्सकीय प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो मामले में चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष दुष्कर्म मामला फिलहाल पूरे कुमाऊं क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें पुलिस विवेचना, चिकित्सकीय रिपोर्ट और न्यायालय की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, क्योंकि अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

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