देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट और दूरदर्शी दिशा-निर्देशों के तहत उत्तराखंड में आवास एवं नगर विकास से जुड़ी योजनाओं को नई गति देने की दिशा में अहम पहल की गई है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने पदभार ग्रहण करने के बाद Mussoorie-Dehradun Development Authority (एमडीडीए) की पहली समीक्षा बैठक लेकर यह स्पष्ट संकेत दिया कि सरकार अब शहरी विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं करेगी।
सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में आवास सचिव ने एमडीडीए के अंतर्गत चल रही विभिन्न विकास योजनाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं और भविष्य की कार्ययोजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप विकास कार्यों को न केवल तेज गति से पूरा किया जाए, बल्कि जनता को उनका वास्तविक लाभ भी समय पर मिलना चाहिए।
चल रही परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा
समीक्षा बैठक में Mussoorie-Dehradun Development Authority की सभी प्रमुख और गतिमान परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें पार्किंग सुविधाओं का निर्माण, शहरी पार्कों का विकास, आवासीय योजनाएं, बाजार पुनर्विकास और अन्य नगरीय आधारभूत संरचना से जुड़े कार्य शामिल रहे।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि टिकाऊ और जनहितकारी शहरी विकास सुनिश्चित करना है।
मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया होगी और अधिक सरल
बैठक में मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया की भी विस्तार से समीक्षा की गई। आवास सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों और निवेशकों को अनावश्यक देरी और जटिल प्रक्रियाओं से राहत मिलनी चाहिए।
डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि तेज और सुगम मानचित्र स्वीकृति प्रणाली से न केवल शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि अवैध निर्माण की प्रवृत्ति पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा। यह कदम राज्य में नियोजित विकास और निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करेगा।
स्थलीय निरीक्षण से होगी प्रभावी निगरानी
आवास सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि वे स्वयं महत्वपूर्ण और निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने से समस्याओं की पहचान समय रहते की जा सकती है और उनका समाधान भी प्रभावी ढंग से संभव होगा।
उनका मानना है कि शीर्ष स्तर की निगरानी से न केवल अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता भी सुनिश्चित होगी।
ऋषिकेश, देहरादून और प्रमुख बाजार परियोजनाएं प्राथमिकता में
समीक्षा बैठक के दौरान एमडीडीए के अंतर्गत ऋषिकेश क्षेत्र, देहरादून तहसील क्षेत्र, आढ़त बाजार और इंदिरा मार्केट से जुड़ी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। आवास सचिव ने इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बाजारों और सार्वजनिक स्थलों का सुव्यवस्थित और आधुनिक विकास न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देता है।
पार्कों में गंदगी फैलाने वालों पर सख्ती
एमडीडीए द्वारा विकसित और संचालित पार्कों के रखरखाव को लेकर भी आवास सचिव ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि पार्कों में गंदगी फैलाने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर पेनल्टी की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता और सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके लिए नागरिकों की सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है। स्वच्छ और सुरक्षित पार्क शहर के जीवन स्तर को बेहतर बनाते हैं।
मास्टर प्लान और लैंड पूलिंग नीति पर विशेष कार्ययोजना
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि आवास विभाग प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेगा। शासन स्तर पर लंबित महत्वपूर्ण योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सभी विकास प्राधिकरणों के साथ नियमित माहवार समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्रदेश के कई शहरों के मास्टर प्लान लंबे समय से लंबित हैं, जिन्हें समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसके साथ ही लैंड पूलिंग नीति के तहत लैंड बैंक बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि सरकारी आवासीय योजनाओं के लिए भूमि की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
अधिकारियों ने प्रस्तुत की परियोजनाओं की जानकारी
बैठक से पूर्व प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने आवास सचिव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने एमडीडीए की प्रमुख योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, सहायक अभियंता अजय मलिक, सहायक अभियंता सुनील गुप्ता, लेखपाल नजीर अहमद और वास्तुविद दृष्टि जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आवास सचिव का स्पष्ट संदेश
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत आवास एवं नगर विकास विभाग प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के साथ मिलकर कार्य करेगा।
उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि सभी विकास योजनाएं समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हों। मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल किया जाएगा और लंबित मास्टर प्लान व लैंड पूलिंग नीति पर विशेष कार्ययोजना बनाकर तेजी से अमल किया जाएगा।”
सरकार के इस सक्रिय और परिणामोन्मुखी रुख से साफ है कि आने वाले समय में उत्तराखंड के शहरी विकास को नई दिशा और गति मिलने वाली है।

