देहरादून/रुड़की: देहरादून DM सविन बंसल ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित किए जा रहे राशन की गुणवत्ता को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बड़ा एक्शन लिया है। जिलाधिकारी ने अचानक रुड़की के माड़ी चौक स्थित सेंट्रल गोदाम पर छापेमारी कर वहां की व्यवस्थाओं और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच की।
छापेमारी के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें खाद्य सामग्री की संदिग्ध गुणवत्ता, एक्सपायरी तिथि में गड़बड़ी, खराब भंडारण व्यवस्था और बाल श्रमिकों की मौजूदगी शामिल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने गोदाम संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों के राशन पर उठे सवाल
देहरादून DM सविन बंसल को पिछले कुछ समय से शिकायतें मिल रही थीं कि गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजी जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता खराब है। शिकायतों में बताया गया था कि बच्चों और धात्री महिलाओं के लिए भेजे जा रहे राशन की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है।
इन शिकायतों के आधार पर जिलाधिकारी ने गुरुवार को अचानक रुड़की स्थित सेंट्रल गोदाम पहुंचकर निरीक्षण किया, जहां से राज्य के कई जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों में खाद्य सामग्री की आपूर्ति की जाती है।
निरीक्षण के दौरान बाल श्रमिक मिलने से हड़कंप
छापेमारी के दौरान देहरादून DM सविन बंसल को सबसे पहले गोदाम में बाल श्रमिकों के काम करने का मामला सामने आया। निरीक्षण में पाया गया कि गोदाम में नाबालिग बच्चों से काम कराया जा रहा था।
इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने गोदाम मालिक के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी सामग्री की आपूर्ति करने वाले संस्थान में बाल श्रम का मिलना बेहद गंभीर मामला है।
खाद्य सामग्री की एक्सपायरी डेट संदिग्ध
निरीक्षण के दौरान गोदाम में रखी कई खाद्य सामग्री की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी तिथि संदिग्ध पाई गई।
विशेष रूप से खजूर और केले के चिप्स के पैकेट पर दर्ज तिथियों को लेकर संदेह पैदा हुआ। कई पैकेटों पर मैन्युफैक्चर और एक्सपायरी डेट छपी हुई नहीं थी, बल्कि उस पर बाद में स्टैंप लगाकर तिथि अंकित की गई थी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित सामग्री के सैंपल जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं।
कई पैकेटों पर नहीं मिला निर्माण और एक्सपायरी का विवरण
देहरादून DM सविन बंसल की छापेमारी के दौरान यह भी पाया गया कि गोदाम में रखी कई खाद्य सामग्री के पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था।
यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक मानी जा रही है क्योंकि ये खाद्य सामग्री आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को वितरित की जाती है।
दिसंबर और जनवरी के अंडे मार्च में वितरित
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि दिसंबर और जनवरी महीने के अंडे और अन्य खाद्य सामग्री मार्च में वितरित की जा रही थी।
डीएम ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मामले की विस्तृत जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
गोदाम में भंडारण के मानक भी नहीं मिले पूरे
जांच में यह भी सामने आया कि गोदाम का संचालन खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था।
गोदाम में खाद्य सामग्री के भंडारण के लिए आवश्यक तापमान नियंत्रण (Temperature Control) की कोई व्यवस्था नहीं थी।
खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं मिलीं, जिससे सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
रजिस्टर और गुणवत्ता प्रमाणपत्र भी नहीं मिले
देहरादून DM सविन बंसल की छापेमारी के दौरान प्रशासनिक टीम ने पाया कि गोदाम में सामग्री वितरण से जुड़े रजिस्टर अद्यतन नहीं थे।
इसके अलावा आपूर्तिकर्ता द्वारा जारी किए जाने वाले गुणवत्ता प्रमाणपत्र (Quality Certificate) भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
प्रशासन ने इसे भी गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
डिस्पैच हो रहे वाहनों को भी रुकवाया
देहरादून DM सविन बंसल ने मौके पर ही आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भेजी जा रही सामग्री से भरे वाहनों को रुकवा दिया।
यह वाहन टिहरी, उत्तरकाशी और डोईवाला के लिए खाद्य सामग्री लेकर रवाना होने वाले थे।
डीएम के निर्देश पर इन वाहनों में रखी खाद्य सामग्री की मौके पर ही सैंपलिंग कराई गई, ताकि प्रयोगशाला जांच के जरिए गुणवत्ता की पुष्टि की जा सके।
अंडों की गुणवत्ता भी पाई गई संदिग्ध
निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भेजे जा रहे अंडों की गुणवत्ता पर भी संदेह जताया गया। प्रशासनिक टीम ने अंडों की स्थिति और भंडारण व्यवस्था की जांच की और कई मामलों में अनियमितता पाई।
इस पर डीएम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि पूरे आपूर्ति तंत्र की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
देहरादून DM सविन बंसल ने स्पष्ट कहा कि राज्य के बच्चों और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोषी पाए जाने वाले आपूर्तिकर्ताओं और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
छापेमारी के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
इस कार्रवाई के दौरान कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, जिनमें
- उप जिलाधिकारी सदर हरी गिरी
- जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) जितेंद्र कुमार
- तहसीलदार सुरेंद्र देव
- कानूनगो रुड़की संजय कुमार
आदि अधिकारी शामिल थे।

