नैनीताल। कैंचीधाम बाईपास न्यूज़: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी प्रशासनिक निर्णयों के चलते नैनीताल जनपद की बहुप्रतीक्षित कैंचीधाम बाईपास (सैनिटोरियम–रातीघाट) परियोजना अब निर्णायक चरण में पहुंचती नजर आ रही है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने नैनीताल भ्रमण के दौरान इस महत्वपूर्ण परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का गहन समीक्षा की और अधिकारियों को आगामी यात्रा एवं पर्यटन सीजन से पूर्व कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कैंचीधाम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का प्रमुख धार्मिक केंद्र है और यहां हर वर्ष यात्रा सीजन के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारु, सुरक्षित और जाम-मुक्त बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
कैंचीधाम जाम से स्थायी राहत की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्षों से कैंचीधाम और आसपास के क्षेत्रों में लगने वाला ट्रैफिक जाम श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और पर्यटकों—तीनों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ था। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार ने कैंचीधाम बाईपास परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि बाईपास के पूर्ण होते ही कैंचीधाम आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी और यात्रा का अनुभव पहले से कहीं अधिक सुगम होगा।
18.15 किलोमीटर लंबा बाईपास, यातायात को मिलेगी नई दिशा
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह धर्मशक्तू ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रस्तावित 18.15 किलोमीटर लंबे कैंचीधाम बाईपास में से लगभग 8 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिस पर हॉटमिक्स भी किया जा चुका है। इस चरण में लगभग 12 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रभावी उपयोग किया गया है।
उन्होंने बताया कि शेष 10.15 किलोमीटर मार्ग में पहाड़ कटिंग से संबंधित कार्यों के लिए स्वीकृत 5 करोड़ 6 लाख रुपये की धनराशि से कार्य पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में इस हिस्से में 9 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से कलमठ निर्माण, सुरक्षा दीवारों और अन्य आवश्यक संरचनात्मक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं, ताकि मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और टिकाऊ बनाया जा सके।
रातीघाट में राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेगा बाईपास
परियोजना के अंतर्गत बाईपास मार्ग को रातीघाट स्थित अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए 74.15 मीटर स्पान का मोटर पुल भी प्रस्तावित है। इसके लिए शासन से 9 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है और पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुल निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
पर्यटन और स्थानीय आवागमन—दोनों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंचीधाम बाईपास के पूर्ण होने से केवल मंदिर क्षेत्र में लगने वाले जाम से ही राहत नहीं मिलेगी, बल्कि पहाड़ी जनपदों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी एक वैकल्पिक, सुरक्षित और सुगम मार्ग उपलब्ध होगा।
यह परियोजना पर्यटन, धार्मिक यात्रा और स्थानीय आवागमन—तीनों के लिए मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति देगी।
भवाली बाईपास और शिप्रा नदी पुल का भी निरीक्षण
कैंचीधाम बाईपास निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने 9 करोड़ 99 लाख रुपये की लागत से निर्मित सैनिटोरियम से अल्मोड़ा मार्ग तक भवाली बाईपास सड़क और इसी मार्ग पर शिप्रा नदी पर बने 30 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल का भी स्थलीय निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि इस बाईपास के चालू होने से भवाली बाजार में वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान होगा और पर्यटन सीजन में यात्रियों को निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी।
श्रमिकों और पर्यटकों से संवाद
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की और उनके कल्याण एवं सुरक्षा से जुड़े आवश्यक निर्देश दिए।
इसके साथ ही क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने बर्फबारी देखने पहुंचे देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटकों से भी बातचीत की। पर्यटकों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, बेहतर व्यवस्थाओं और सुरक्षित वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें यहां किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई है।
बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन और यातायात सुधार के लिए बुनियादी ढांचे को निरंतर सशक्त कर रही है। सड़क, पुल और बाईपास जैसी परियोजनाएं केवल यातायात सुधार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये राज्य के समग्र विकास और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने दोहराया कि कैंचीधाम दर्शन को सुगम बनाने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

