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भारत–कनाडा संबंधों में सुरक्षा सहयोग को नई धार, NSA अजीत डोवल की ओटावा यात्रा से मिला अहम संदेश

India–Canada Relations

File Photo

India–Canada Relations: भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सुरक्षा और खुफिया सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल सामने आई है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल ने 6–7 फरवरी 2026 के दौरान कनाडा की राजधानी ओटावा का आधिकारिक दौरा किया। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के बीच हुई बैठकों से यह स्पष्ट संदेश उभरकर सामने आया कि हिंसक चरमपंथी समूहों को कनाडा सरकार का कोई समर्थन प्राप्त नहीं है

डोवल की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है, जब भारत लगातार विदेशों में सक्रिय चरमपंथी और संगठित अपराध नेटवर्क को लेकर अपनी चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से रखता रहा है। ओटावा में हुई उच्चस्तरीय बैठकों को भारत–कनाडा संबंधों में भरोसा बहाली और व्यावहारिक सहयोग की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।


कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से अहम बैठक

7 फरवरी 2026 को अजीत डोवल ने कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय की डिप्टी क्लर्क और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं खुफिया सलाहकार नथाली ड्रुइन से विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में सुरक्षा, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और कानून प्रवर्तन से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

बैठक के दौरान कनाडा पक्ष की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि उनकी सरकार किसी भी प्रकार के हिंसक चरमपंथ या उग्र गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। इसे भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि भारत लंबे समय से इस मुद्दे को लेकर अपनी चिंता जताता रहा है।


द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता में सहयोग पर सहमति

यह बैठक दोनों देशों के बीच नियमित द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता का हिस्सा थी। दोनों पक्षों ने अपने-अपने देशों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब तक की गई पहलों में हुई प्रगति की सराहना की।

बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी प्रयासों और कानून प्रवर्तन के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए एक साझा कार्ययोजना (Joint Action Plan) पर सहमति व्यक्त की गई, जिससे दोनों देशों की प्राथमिकताओं के अनुरूप व्यावहारिक और परिणामोन्मुख सहयोग को बढ़ावा मिल सके।


संपर्क अधिकारी नियुक्त करने का फैसला

भारत और कनाडा के बीच सुरक्षा सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक अहम निर्णय लेते हुए यह तय किया गया कि दोनों देश एक-दूसरे के यहां सुरक्षा एवं कानून-प्रवर्तन संपर्क अधिकारी (लायजन ऑफिसर) नियुक्त करेंगे।

इस व्यवस्था से:

विशेष रूप से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, खासकर फेंटानिल के प्रीकर्सर, और सीमा-पार संगठित अपराध नेटवर्क जैसे साझा सरोकारों पर सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया।


साइबर सुरक्षा और संगठित अपराध पर फोकस

बैठक में साइबर सुरक्षा को लेकर भी गहन चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने साइबर खतरों, डिजिटल अपराधों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा से संबंधित सूचनाओं के औपचारिक आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

इसके अलावा:

से जुड़े मामलों में घरेलू कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप सहयोग जारी रखने का निर्णय लिया गया। यह कदम दोनों देशों के बीच भरोसे को मजबूत करने और अपराध के वैश्विक स्वरूप से निपटने में सहायक माना जा रहा है।


सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री से भी हुई मुलाकात

गौरतलब है कि डोवल की यात्रा के दौरान 6 फरवरी 2026 को उन्होंने कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी अनंदासंगरी से भी मुलाकात की थी। इस बैठक में भी आंतरिक सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों में यह साझा समझ उभरी कि वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भारत और कनाडा को संवाद और सहयोग के रास्ते पर आगे बढ़ना होगा।


भारत–कनाडा रिश्तों के लिए क्या मायने?

विशेषज्ञों का मानना है कि अजीत डोवल की यह यात्रा India–Canada Relations में एक रीसेट मोमेंट के तौर पर देखी जा सकती है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में आई तल्खी के बीच सुरक्षा सहयोग पर इस तरह की स्पष्ट और सकारात्मक बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

यह संदेश भी स्पष्ट है कि:

आने वाले समय में द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दे सकते हैं।


सुरक्षा सहयोग की नई शुरुआत

कुल मिलाकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल की ओटावा यात्रा से भारत और कनाडा के बीच सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और खुफिया सहयोग को एक नई गति मिलने की उम्मीद है। हिंसक चरमपंथ पर कनाडा की स्पष्ट स्थिति और साझा कार्ययोजना पर सहमति दोनों देशों के रिश्तों में भरोसे की बहाली की दिशा में एक अहम संकेत है।

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