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दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश की दस्तक, उत्तर भारत में मॉनसून ने बढ़ाई रफ्तार; IMD ने कई राज्यों के लिए जारी किया रेन अलर्ट

उत्तर भारत में मॉनसून

File Photo

नई दिल्ली। भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों के लिए उत्तर भारत में मॉनसून ने राहत भरी खबर दी है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने के बाद दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की ओर भी सक्रिय हो चुका है। मॉनसून की आधिकारिक दस्तक से पहले ही कई इलाकों में प्री-मॉनसून बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। बुधवार सुबह दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस से काफी राहत मिली।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले चार से छह दिनों तक उत्तर भारत के कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ओर से जारी सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

दिल्ली-एनसीआर में पूरे सप्ताह रहेगा बारिश का दौर

दिल्ली मौसम अपडेट के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में 1 से 6 जुलाई के बीच मौसम लगातार बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और समय-समय पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

बुधवार को कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी, जिससे पिछले कई दिनों से जारी उमस और गर्मी से राहत मिलेगी।

हालांकि, बारिश के चलते दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में कार्यालय जाने वाले लोगों और यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश में कई दिनों तक सक्रिय रहेगा मॉनसून

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 जुलाई के बीच अच्छी बारिश होने की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 से 5 जुलाई तक अलग-अलग चरणों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मॉनसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश के अधिकांश जिलों में कृषि कार्यों को गति मिलेगी। धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई के लिए यह बारिश काफी लाभदायक मानी जा रही है। वहीं शहरी क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को जलभराव और यातायात प्रबंधन को लेकर सतर्क रहने की जरूरत होगी।

उत्तराखंड और हिमाचल में भी बढ़ेगी बारिश की गतिविधियां

उत्तराखंड मौसम को लेकर भी मौसम विभाग ने महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया है। राज्य में 2 से 6 जुलाई के दौरान अधिकांश जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की भी आशंका व्यक्त की गई है।

भारी बारिश के चलते भूस्खलन, चट्टान गिरने और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

वहीं हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी 3 से 5 जुलाई के बीच अच्छी बारिश होने की संभावना है। इससे पर्यटन स्थलों का मौसम सुहावना होने की उम्मीद है, लेकिन पहाड़ी मार्गों पर सावधानी बरतना भी जरूरी होगा।

राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी राजस्थान में 2 से 6 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। पश्चिमी राजस्थान में भी कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी चलने के आसार भी बने हुए हैं।

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी 1 से 6 जुलाई के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए यह बारिश राहत लेकर आएगी। हालांकि किसानों और स्थानीय प्रशासन को तेज हवाओं तथा बिजली गिरने की संभावनाओं को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भी जारी रहेगा बारिश का सिलसिला

मध्य प्रदेश में 6 जुलाई तक अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने का अनुमान है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड में भी अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मॉनसून अब पूरे देश में तेजी से सक्रिय हो रहा है, जिससे आने वाले दिनों में अधिकांश राज्यों में सामान्य से अच्छी वर्षा देखने को मिल सकती है। इसका सकारात्मक प्रभाव जलाशयों के जलस्तर, कृषि गतिविधियों और पेयजल उपलब्धता पर भी पड़ेगा।

बारिश के दौरान बरतें ये सावधानियां

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। तेज हवाओं के दौरान कमजोर संरचनाओं से दूर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

वाहन चालकों को फिसलन भरी सड़कों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह दी गई है। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

कृषि और आम जनजीवन पर पड़ेगा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर भारत में मॉनसून की दस्तक से यह बारिश खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। पर्याप्त वर्षा से धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य फसलों की बुवाई में तेजी आएगी। दूसरी ओर लगातार बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

फिलहाल मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। ऐसे में लोगों को राहत देने वाली बारिश के साथ-साथ सतर्कता बरतना भी उतना ही जरूरी होगा।

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