उत्तर भारत में घना कोहरा
नई दिल्ली। इस समय लोग उत्तर भारत में घना कोहरा व भीषण ठंड की दोहरी मार झेल रहा है। रविवार सुबह हालात इतने गंभीर हो गए कि देश के पांच प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर जीरो विजिबिलिटी दर्ज की गई। घने कोहरे के कारण हवाई, रेल और सड़क—तीनों तरह का यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, वहीं रेल नेटवर्क पर इसका सबसे ज्यादा असर दिखा, जहां 95 ट्रेनें देरी से चल रही हैं। मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि अगले चार से पांच दिनों तक उत्तर-पश्चिमी भारत में घना कोहरा बना रह सकता है।
दिल्ली–एनसीआर में ठंड के साथ कोहरे की मार
राजधानी दिल्ली और पूरे दिल्ली-एनसीआर में लोग पहले से ही कड़ाके की ठंड से परेशान हैं। अब कोहरे ने जनजीवन को और मुश्किल बना दिया है। सुबह के समय दृश्यता इतनी कम रही कि कई इलाकों में सामने का रास्ता देख पाना भी कठिन हो गया। ऑफिस जाने वाले लोग, स्कूल बसें और लंबी दूरी के यात्री सभी को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ठंडी हवाओं के साथ नमी और स्थिर वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण कोहरा और अधिक घना हो गया है। यही वजह है कि सुबह के समय दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई।
हवाई यातायात पर असर, एयरलाइंस ने जारी की एडवाइजरी
घने कोहरे का सीधा असर हवाई सेवाओं पर पड़ा है। दिल्ली एयरपोर्ट सहित उत्तर भारत के कई एयरपोर्ट पर उड़ानों के संचालन में दिक्कतें आईं। एयर इंडिया और इंडिगो ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।
एयरलाइंस ने कहा है कि उत्तर भारत में घने कोहरे की संभावना के चलते उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट की ताजा स्थिति जरूर जांच लें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।
इन शहरों के एयरपोर्ट पर दर्ज की गई जीरो विजिबिलिटी
रविवार सुबह 7:30 बजे देश के पांच शहरों के एयरपोर्ट पर जीरो विजिबिलिटी दर्ज की गई। इनमें एक एयरपोर्ट दिल्ली में और चार उत्तर प्रदेश में स्थित हैं।
जीरो विजिबिलिटी वाले एयरपोर्ट:
- सफदरजंग एयरपोर्ट (दिल्ली)
- रायबरेली एयरपोर्ट
- कानपुर एयरपोर्ट
- लखनऊ एयरपोर्ट
- कुशीनगर एयरपोर्ट
इसके अलावा:
- पालम एयरपोर्ट,
- अमृतसर एयरपोर्ट
- गोरखपुर एयरपोर्ट
इन जगहों पर दृश्यता 100 मीटर से भी कम दर्ज की गई। वहीं प्रयागराज एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी 200 मीटर से कम रही। ऐसे हालात में उड़ानों के टेकऑफ और लैंडिंग पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
रेल यातायात सबसे ज्यादा प्रभावित, 95 ट्रेनें लेट
घने कोहरे का सबसे बड़ा असर रेल सेवाओं पर पड़ा है। रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक 95 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। इनमें से 40 से अधिक ट्रेनें 2 से 5 घंटे तक लेट बताई जा रही हैं। इसके अलावा कोहरे के कारण एक ट्रेन को डायवर्ट भी किया गया है।
यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
कई घंटों की देरी से चल रही प्रमुख ट्रेनें
घने कोहरे के चलते कई प्रमुख ट्रेनों की रफ्तार थम सी गई है। कुछ ट्रेनों की स्थिति इस प्रकार है:
- रीवा–आनंद विहार एक्सप्रेस (12427) – करीब 3 घंटे लेट
- प्रयागराज एक्सप्रेस (12417) – 2 घंटे 15 मिनट लेट
- कालिंदी एक्सप्रेस (14117) – 3 घंटे 49 मिनट लेट
- पूर्वा एक्सप्रेस (12303) – 2 घंटे 22 मिनट लेट
- कैफियत एक्सप्रेस (12225) – कई घंटे देरी
- न्यू दिल्ली स्पेशल फेयर क्लोन एक्सप्रेस (2569) – 7 घंटे 39 मिनट लेट
- ऊंचाहार एक्सप्रेस (14217) – करीब 9 घंटे 43 मिनट लेट
- न्यू दिल्ली स्पेशल क्लोन एक्सप्रेस (2563) – करीब 8 घंटे लेट
- हमसफर एक्सप्रेस (12571) – करीब ढाई घंटे लेट
मौसम विभाग का अलर्ट: अगले 4–5 दिन और चुनौतीपूर्ण
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिमी भारत के लिए अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले चार से पांच दिनों तक घना से बहुत घना कोहरा बना रह सकता है। खासकर सुबह और देर रात के समय दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और रेल व हवाई यात्रा से पहले अपडेट लेने की अपील की गई है।
आने वाले दिन और भारी, लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिमी विक्षोभ और हवाओं की दिशा में बदलाव नहीं होता, तब तक कोहरे से राहत मिलना मुश्किल है। ऐसे में उत्तर भारत के लोगों को आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे की दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है।

