Site icon Bugyal News – हिंदी समाचार | उत्तराखंड न्यूज़ | ब्रेकिंग न्यूज़ | Latest Hindi News

दिल्ली-NCR में बारिश का रौद्र रूप, साउथ दिल्ली में रेड अलर्ट; कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा

दिल्ली-NCR

File Photo

नई दिल्ली: दिल्ली-NCR और आसपास के इलाकों में शनिवार सुबह से मौसम ने अचानक करवट ली। दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में तेज बारिश ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में लगातार बारिश होती रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD Weather Alert ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। IMD के ताजा उप-विभागीय पूर्वानुमान में हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए 22 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की गई है।

दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में भी मौसम का असर दिखाई दिया। तेज बारिश के कारण सड़क पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ने और निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में शनिवार को घर से निकलने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेना जरूरी है।

सुबह से बदला दिल्ली का मौसम, कई प्रमुख इलाकों में बारिश

दिल्ली-NCR के कई प्रमुख इलाकों में सुबह से बारिश का सिलसिला देखने को मिला। फिरोजशाह रोड, इंडिया गेट, कर्तव्य पथ और एपीजे अब्दुल कलाम रोड समेत मध्य और दक्षिण दिल्ली के कई हिस्सों में बारिश हुई।

ग्रेटर कैलाश, हौज खास, हौज खास विलेज, गुलमोहर पार्क, सर्वप्रिय विहार, साकेत, प्रेस एन्क्लेव और साकेत स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे इलाकों में भी बारिश का असर दिखाई दिया। वसंत कुंज, वसंत विहार, डिफेंस कॉलोनी, साउथ एक्सटेंशन, लाजपत नगर, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, ग्रीन पार्क, पंचशील पार्क और नीति बाग में भी मौसम बदला हुआ रहा।

दिल्ली-NCR जैसे बेहद व्यस्त महानगरीय क्षेत्र में बारिश का असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहता। तेज बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव, ट्रैफिक की रफ्तार धीमी होने और कुछ स्थानों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसलिए मौसम विभाग की चेतावनी के बीच लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

IMD के दिल्ली-एनसीआर मौसम पेज पर भी वर्तमान परिस्थितियों और गरज-चमक संबंधी चेतावनियों को लगातार अपडेट किया जा रहा है।

दिल्ली के साथ नोएडा और गुरुग्राम पर भी नजर

दिल्ली के आसपास के शहरों में भी बारिश का असर व्यापक रहने की संभावना है। गौतम बुद्ध नगर, गुरुग्राम और NCR के अन्य हिस्सों में मौसम को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।

दिल्ली-NCR में बड़ी संख्या में लोग रोजाना दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के बीच आवागमन करते हैं। ऐसे में बारिश के दौरान एक शहर से दूसरे शहर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने और मौसम की ताजा स्थिति देखने की जरूरत है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों, अंडरपास और जलभराव वाले मार्गों से बचना ज्यादा सुरक्षित रहता है।

उत्तराखंड में 27 अगस्त तक बारिश का अलर्ट

दिल्ली-NCR के अलावा पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। IMD ने उत्तराखंड के लिए 22 से 27 अगस्त तक लगातार भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

राज्य के विभिन्न जिलों में मौसम का असर अलग-अलग स्तर पर दिखाई दे सकता है। IMD के जिला स्तर के पूर्वानुमान में देहरादून, टिहरी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही राज्य के सभी जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ तेज से बहुत तेज बारिश के दौर की संभावना बताई गई है।

पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन, पत्थर गिरने, नालों और छोटी नदियों में अचानक पानी बढ़ने तथा निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ जाता है। IMD के देहरादून पूर्वानुमान में भी भारी बारिश के दौरान संवेदनशील ढलानों पर यात्रा करते समय सावधानी बरतने और आवश्यकता न होने पर यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

ऐसे में चारधाम यात्रा या पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखना जरूरी है।

बिहार-झारखंड में भी बारिश बढ़ाएगी मुश्किल

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसम का मिजाज सक्रिय बना हुआ है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

बिहार में 22 से 24 अगस्त के बीच कई इलाकों में बारिश की संभावना है, जबकि झारखंड और ओडिशा में भी भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। बंगाल और सिक्किम में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है।

पूर्वी भारत में लगातार बारिश का असर खेती, सड़क परिवहन और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों पर पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और छोटी नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी होगा।

मध्य प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र बढ़ाएगा बारिश

मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। IMD के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र मौसम की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 25 अगस्त और पूर्वी मध्य प्रदेश में 21 से 26 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। उज्जैन, इंदौर और खरगोन जैसे क्षेत्रों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।

पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों को नदी-नालों तथा निचले इलाकों पर विशेष नजर रखने की जरूरत है।

विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश की संभावना

मध्य भारत के दूसरे हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 23 से 25 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में 21 से 27 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

IMD के व्यापक मौसम पूर्वानुमान में देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की गतिविधि बने रहने की बात कही गई है। उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक कई क्षेत्रों में बारिश का प्रभाव देखने को मिल रहा है।

पूर्वांचल में भी बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों यानी पूर्वांचल में भी 22 से 24 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है। IMD के ताजा चेतावनी अपडेट में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 22 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है।

पूर्वांचल के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आ सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते रुख पर नजर रखने की जरूरत है।

अगले कुछ दिन कई राज्यों के लिए अहम

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान को देखें तो आने वाले कुछ दिन देश के कई हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। दिल्ली-NCR में जहां आज भारी बारिश की चेतावनी है, वहीं उत्तराखंड में 27 अगस्त तक बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।

मानसून के इस सक्रिय दौर में सबसे बड़ी चुनौती उन इलाकों में हो सकती है जहां थोड़े समय में बहुत अधिक बारिश होती है। शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने तक, बारिश का असर अलग-अलग रूप में सामने आ सकता है।

ऐसे में लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें, जलभराव वाले रास्तों से बचें और पहाड़ी क्षेत्रों में बिना जरूरत यात्रा न करें। खासकर उत्तराखंड जैसे संवेदनशील पहाड़ी राज्य में भारी बारिश के दौरान स्थानीय प्रशासन के निर्देशों को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है।

कुल मिलाकर, दिल्ली-NCR से लेकर उत्तराखंड और मध्य-पूर्वी भारत तक मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। राजधानी में शनिवार की बारिश ने जहां मौसम सुहाना किया है, वहीं भारी बारिश की चेतावनी ने प्रशासन और आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता पर सभी की नजर रहेगी।

Exit mobile version