देहरादून। राजधानी में लगातार हो रही Dehradun Road Cutting और निर्माण कार्यों से आम जनता को हो रही परेशानी को लेकर प्रशासन अब सख्त रुख में नजर आ रहा है। रोड कटिंग मानकों के उल्लंघन पर विधिक कार्रवाई तय करने के निर्देश दिए गए हैं।
देहरादून के प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में मंथन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में Dehradun Road Cutting कार्यों की प्रगति, मानकों के अनुपालन और नई अनुमतियों को लेकर विस्तृत मंथन किया गया। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अप्रैल माह तक सभी संचालित निर्माण कार्य हर हाल में पूर्ण किए जाएं।
मानकों के उल्लंघन पर मुकदमा और भारी अर्थदंड
प्रभारी मंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि Dehradun Road Cutting की अनुमति सशर्त जारी की जाए और निर्धारित शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि कोई निर्माण एजेंसी रोड कटिंग मानक का उल्लंघन करती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए विधिक कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही भारी अर्थदंड लगाकर आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) के माध्यम से वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अनुमति जारी करते समय संबंधित एजेंसियों से शपथ पत्र लेना भी अनिवार्य किया गया है, जिसमें समयावधि में कार्य पूर्ण करने और सभी सुरक्षा मानकों के पालन की लिखित गारंटी होगी।
निर्माण स्थल पर जूनियर अभियंता की अनिवार्य उपस्थिति
बैठक में यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर निर्माण कार्यों की निगरानी में कमी के कारण समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इस पर मंत्री ने निर्देश दिए कि हर निर्माण स्थल पर सुपरविजन के लिए जूनियर अभियंता की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय और इंटीग्रेटेड प्लान के तहत कार्य करें, ताकि एक ही सड़क को बार-बार न खोदा जाए। निर्माण कार्य के बाद सड़क को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कम्प्रेस कर बहाल करना भी अनिवार्य होगा।
इन विभागों को दिए गए समन्वय के निर्देश
बैठक में लोनिवि, यूपीसीएल, पिटकुल, जल संस्थान, पेयजल निगम, स्मार्ट सिटी लिमिटेड सहित अन्य कार्यदायी संस्थाओं को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
गैस पाइपलाइन परियोजना पर जानकारी देते हुए GAIL Gas Limited के प्रतिनिधियों ने बताया कि 65 हजार किमी नेटवर्क पर कार्य चल रहा है। प्रारंभिक चरण में 38 हजार घरों को कनेक्ट किया जाना है, जिनमें से अब तक 2500 घरों को जोड़ा जा चुका है।
इसके अलावा भूमिगत विद्युत केबलिंग (यूपीसीएल एवं पिटकुल), सीवर और पेयजल परियोजनाओं पर भी कार्य प्रगति पर है। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट कहा कि जिन स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां अप्रैल तक कार्य पूर्ण कर लिया जाए।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई स्थानों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
मंत्री ने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी एजेंसी द्वारा Dehradun Road Cutting मानक या सुरक्षा शर्तों का उल्लंघन किया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व अनुमतियां निरस्त, नई व्यवस्था लागू
जिला प्रशासन ने शहर में पूर्व में जारी सभी रोड कटिंग अनुमतियों को निरस्त कर दिया है। अब नई अनुमति प्रक्रिया सख्त शर्तों के साथ लागू की जाएगी।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बैठक में प्रभारी मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि Dehradun Road Cutting अनुमति और मानकों के अनुपालन को लेकर सख्त निगरानी की जाएगी।
जनता को राहत देने की कोशिश
राजधानी में लंबे समय से सड़क खुदाई, धूल, जाम और दुर्घटनाओं की शिकायतें सामने आ रही थीं। विभिन्न विभागों के असमन्वित कार्यों के कारण एक ही मार्ग को कई बार खोदा जा रहा था।
सरकार की इस सख्ती का उद्देश्य Dehradun Road Cutting प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना, निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय करना और जनता को राहत देना है। अप्रैल तक कार्य पूर्ण कराने का लक्ष्य इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
क्या बदलेगा अब?
- रोड कटिंग मानकों का कड़ाई से अनुपालन
- शर्तों के उल्लंघन पर मुकदमा और भारी जुर्माना
- जूनियर अभियंता की साइट पर अनिवार्य उपस्थिति
- विभागीय समन्वय से एकीकृत योजना
- निर्माण के बाद सड़क की गुणवत्तापूर्ण बहाली
Dehradun Road Cutting कार्यों को लेकर प्रशासन की यह सख्ती आने वाले दिनों में व्यवस्था सुधार की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकती है। यदि निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो राजधानीवासियों को बार-बार सड़क खुदाई और अव्यवस्था से राहत मिलने की उम्मीद है।

