Dehradun News: देहरादून नगर निगम बोर्ड बैठक इस बार काफी चर्चा में रही। शहर के समग्र विकास और जनहित से जुड़े 65 प्रस्तावों पर विचार के लिए बुलाई गई इस बैठक में जहां कई अहम निर्णय लिए गए, वहीं राजनीतिक हंगामे ने कार्यवाही को प्रभावित किया।
बैठक के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के पार्षदों के बीच तीखी बहस और कई बार आमना-सामना देखने को मिला। स्थिति इतनी गरम हो गई कि प्रस्तावों पर अपेक्षित चर्चा नहीं हो पाई और कई मुद्दे अधूरे रह गए।
किन्नरों की बधाई राशि ₹5100 तय, विवाद की संभावना
इस देहरादून नगर निगम बोर्ड बैठक का सबसे चर्चित फैसला रहा किन्नरों द्वारा मांग की जाने वाली बधाई राशि को लेकर। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद पार्षदों ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया।
गहन चर्चा के बाद नगर निगम ने यह निर्णय लिया कि किन्नरों को दी जाने वाली बधाई राशि की अधिकतम सीमा ₹5100 तय की जाएगी।
हालांकि, यह फैसला जितना प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, उतना ही सामाजिक रूप से संवेदनशील भी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि किन्नर समाज इस निर्णय को किस रूप में स्वीकार करता है या इसका विरोध करता है।
गौरतलब है कि यह प्रस्ताव पिछली बैठक में भी लाया गया था, लेकिन तब इसे मंजूरी नहीं मिल सकी थी।
सफाई कर्मियों के लिए राहत: मानदेय में बढ़ोतरी
बैठक में एक और बड़ा और सकारात्मक फैसला सफाई कर्मियों (पर्यावरण मित्रों) को लेकर लिया गया।
नगर निगम ने सफाई कर्मियों का मानदेय ₹500 से बढ़ाकर ₹800 प्रतिदिन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि शहर के प्रत्येक वार्ड में पर्यावरण मित्रों का समान वितरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।
65 प्रस्तावों पर चर्चा अधूरी, आज फिर होगी बैठक
इस देहरादून नगर निगम बोर्ड बैठक में कुल 65 प्रस्तावों पर चर्चा प्रस्तावित थी, लेकिन हंगामे और राजनीतिक टकराव के चलते सभी प्रस्तावों पर विचार नहीं हो सका।
इसी कारण नगर निगम प्रशासन ने शेष कार्यवाही को आगे बढ़ाने के लिए बैठक को गुरुवार तक स्थगित कर दिया है। अब यह बैठक सुबह 11 बजे से दोबारा आयोजित की जाएगी, जिसमें बाकी प्रस्तावों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
मेयर सौरभ थपलियाल का बयान
देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए कहा कि:
“नगर निगम की चौथी बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई और कुछ अहम निर्णय लिए गए। किन्नरों की बधाई राशि को अधिकतम ₹5100 निर्धारित करने पर सहमति बनी है। साथ ही सफाई कर्मियों के मानदेय में वृद्धि और वार्डों में समान वितरण सुनिश्चित करने का निर्णय भी लिया गया है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शेष प्रस्तावों पर चर्चा के लिए बैठक गुरुवार को पुनः आयोजित की जाएगी।
राजनीतिक टकराव ने रोकी कार्यवाही
बैठक में देखने को मिला कि विकास और जनहित के मुद्दों से ज्यादा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप हावी रहे। बीजेपी और कांग्रेस के पार्षदों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई, जिससे बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
इसका सीधा असर यह हुआ कि कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की स्थिति बनी रहती है, तो नगर निगम के विकास कार्यों पर असर पड़ सकता है।
क्या होंगे इन फैसलों के दूरगामी असर?
इस देहरादून नगर निगम बोर्ड बैठक में लिए गए फैसलों के दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं:
- किन्नरों की बधाई राशि तय होने से नागरिकों को राहत मिल सकती है
- सफाई कर्मियों का मानदेय बढ़ने से उनकी कार्यक्षमता और मनोबल बढ़ेगा
- वार्ड स्तर पर सफाई व्यवस्था में सुधार संभव है
- लेकिन सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर विवाद की संभावना भी बनी रहेगी
कुल मिलाकर, देहरादून नगर निगम बोर्ड बैठक जहां महत्वपूर्ण निर्णयों के कारण चर्चा में रही, वहीं हंगामे और राजनीतिक टकराव ने इसकी कार्यवाही को अधूरा छोड़ दिया।
अब सभी की नजरें गुरुवार को होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां बाकी प्रस्तावों पर चर्चा होगी और यह तय होगा कि शहर के विकास की दिशा क्या होगी।

