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देहरादून जनदर्शन में उमड़ा भरोसा: 239 फरियादियों को मिली सुनवाई, DM सविन बंसल ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश

देहरादून, 20 अप्रैल 2026: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून जनदर्शन एक बार फिर आम नागरिकों के लिए उम्मीद और भरोसे का केंद्र बनकर उभरा। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 239 फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।

देहरादून जनदर्शन में भूमि विवाद से लेकर स्कूल फीस माफी, आर्थिक सहायता, राशन कार्ड, बिजली-पानी बिल और मुआवजे जैसे विविध मुद्दों पर लोगों ने अपनी बात सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जिलाधिकारी ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए।


स्कूल फीस माफी और आर्थिक मदद के मामलों की भरमार

जनता दरबार में इस बार सबसे अधिक मामले स्कूल फीस माफी से जुड़े सामने आए। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, विधवाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवारों ने अपने बच्चों की शिक्षा जारी रखने के लिए प्रशासन से मदद की गुहार लगाई।

जिलाधिकारी ने ऐसे मामलों में विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। कई मामलों में जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) को आवश्यक जांच कर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।

देहरादून जनदर्शन

पानी का बिल बना बोझ, प्रशासन ने दिखाई संवेदनशीलता

देहरादून जनदर्शन में एक मार्मिक मामला बुजुर्ग नीलम का सामने आया, जिनके पति का निधन 2020 में हो चुका है और वे अत्यंत कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही हैं। उनके ऊपर ₹18,335 का पानी का बिल बकाया था।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आदेश दिया कि ₹5,579 की राशि सेटलमेंट के रूप में जमा कराई जाए, जबकि शेष ₹12,776 का भुगतान जिला प्रशासन द्वारा जल संस्थान को किया जाएगा। इस निर्णय ने प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली को उजागर किया।


जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता और इलाज में मदद

देहरादून जनदर्शन में समाज कल्याण से जुड़े मामलों में भी प्रशासन ने सक्रियता दिखाई। देहरादून निवासी गंगा राम को पुत्री विवाह के लिए ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए।

वहीं मालदेवता निवासी संध्या रमोला के पति के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दिलाने हेतु प्रकरण अग्रसारित किया गया। कैंसर से पीड़ित ऋषिकेश निवासी धीरज सिंह रावत की पुत्री की स्कूल फीस भी योजना के तहत वहन करने का निर्णय लिया गया।


पारिवारिक विवाद और सामाजिक न्याय के मामलों में सख्ती

अजबपुर कलाम निवासी जरीना बानो के मामले में, जिन्हें उनके ही पुत्र द्वारा घर से बेदखल कर दिया गया था, जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दायर कर पीड़िता को न्याय दिलाया जाए।

यह कदम दर्शाता है कि प्रशासन केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।


महिलाओं और विधवाओं के लिए विशेष पहल

आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं और विधवाओं के मामलों में प्रशासन ने विशेष प्राथमिकता दी। टर्नर रोड, प्रेमनगर, राजपुर और चंदरनगर क्षेत्रों से आई महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के तहत कई बालिकाओं की शिक्षा का जिम्मा उठाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके अलावा कुछ मामलों में विद्यालय प्रबंधन को जिला प्रशासन की ओर से फीस माफी हेतु अनुरोध पत्र भेजने के निर्देश दिए गए।


शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर फोकस

देहरादून जनदर्शन में बीएससी नर्सिंग की एक छात्रा, जिसके पिता 50% दिव्यांग हैं, को भी सहायता योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया। इसी तरह दिव्यांगता और बीमारी से जूझ रहे परिवारों के बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।

कांवली रोड निवासी विधवा किरण धीमान के मामले में उनकी पुत्री की शिक्षा और पुत्र की फीस माफी के लिए स्कूल प्रबंधन से समन्वय करने के निर्देश दिए गए।


राशन कार्ड और मूलभूत सुविधाओं पर कार्रवाई

डांडीपुर निवासी मंजू देवी के सफेद राशन कार्ड बनाने के अनुरोध पर जिला पूर्ति अधिकारी को तत्काल जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं खुडबुड़ा निवासी अनु के ब्लॉक राशन कार्ड को अनब्लॉक करने के लिए रिपोर्ट मांगी गई।

इसके अलावा बिजली-पानी बिल और गृहकर से जुड़े मामलों में भी राहत प्रदान करने के निर्णय लिए गए।


गृहकर माफी और अन्य राहत

देहरादून जनदर्शन में शिवलोक कॉलोनी निवासी कनिष्का, जिनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है, ने गृहकर माफी की मांग की। जिलाधिकारी ने राइफल क्लब फंड से उनका हाउस टैक्स जमा कराने के निर्देश दिए, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली।


कानून व्यवस्था और भूमि विवादों पर सख्ती

वरिष्ठ नागरिक सूरज नाथ गौतम की एफआईआर दर्ज न होने की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। धर्मपुर निवासी अंजू रानी के भूमि धोखाधड़ी मामले में तहसीलदार को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

लखवाड़ बांध प्रभावितों के मुआवजा न मिलने के मामलों में भी संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


प्रशासनिक पहल की सराहना

जनता दरबार में फ्रीडम फाइटर समिति की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष आशा लाल ने जिलाधिकारी सविन बंसल की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिले में बुजुर्गों, महिलाओं और पीड़ित नागरिकों को त्वरित और न्यायसंगत समाधान प्रदान करने की दिशा में प्रशासन सराहनीय कार्य कर रहा है।

उन्होंने जिलाधिकारी को संविधान के अनुच्छेद-21 पर आधारित एक पुस्तक भेंट कर सम्मान व्यक्त किया।


जनदर्शन बना भरोसे का मंच

देहरादून जनदर्शन का यह कार्यक्रम केवल शिकायत निवारण का मंच नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी बनता जा रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल की सक्रियता और संवेदनशीलता ने यह साबित किया है कि यदि प्रशासन इच्छाशक्ति के साथ कार्य करे, तो हर नागरिक को न्याय और राहत मिल सकती है।

इस पहल ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखंड में सुशासन और जवाबदेही की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जो आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

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