देहरादून गुंजन हत्याकांड: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून एक बार फिर सनसनीखेज वारदात और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर सुर्खियों में है। राजधानी के भीड़भाड़ वाले इलाके मच्छी बाजार में 23 वर्षीय युवती गुंजन की सरेआम हत्या करने वाले आरोपी को मंगलवार को जब कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया, तो न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने आरोपी के साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे कुछ देर के लिए कोर्ट परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
इस पूरी घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कोर्ट परिसर में हंगामा, पुलिस को संभालनी पड़ी स्थिति
आरोपी को कोतवाली नगर पुलिस न्यायालय में पेशी के लिए लेकर पहुंची थी। इसी दौरान वहां पहले से मौजूद लोगों ने आरोपी को पहचान लिया और अचानक उस पर टूट पड़े। देखते ही देखते कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी के साथ जमकर मारपीट की गई।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर मौजूद पुलिस बल को हालात नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया, जिसके बाद किसी तरह आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया गया और सुरक्षित तरीके से न्यायालय के भीतर ले जाया गया।
कोर्ट का आदेश: आरोपी को जेल भेजा गया
हंगामे के बीच न्यायालय की कार्यवाही पूरी की गई। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। इसके बाद भारी पुलिस निगरानी में आरोपी को जेल रवाना किया गया।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कोर्ट परिसर के भीतर आरोपी के साथ मारपीट और पुलिस की मशक्कत साफ तौर पर देखी जा सकती है।
2 फरवरी की सुबह मच्छी बाजार में हुई थी दिल दहला देने वाली हत्या
देहरादून गुंजन हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। घटना 2 फरवरी की सुबह करीब 10 बजे की है। कोतवाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत मच्छी बाजार में 23 वर्षीय गुंजन अपनी स्कूटी खड़ी करने के लिए अपने एक रिश्तेदार के घर पहुंची थी।
इसी दौरान आरोपी आकाश को उसकी मौजूदगी की भनक लग गई। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले से ही गुंजन का पीछा कर रहा था। मौका मिलते ही वह चापड़ लेकर वहां पहुंच गया।
बहस के बाद चापड़ से किया ताबड़तोड़ हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी आकाश ने पहले गुंजन से बातचीत करने की कोशिश की। जब गुंजन ने उससे बात करने से मना किया, तो आरोपी आपा खो बैठा। गुस्से में उसने चापड़ से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए।
पहले वार में गुंजन ने खुद को बचाने के लिए हाथ आगे किया, जिससे उसकी एक अंगुली कट गई। इसके बाद आरोपी ने दूसरा वार सीधे उसके गले पर किया। वार इतना तेज और गहरा था कि गुंजन के गले से तेज़ी से खून बहने लगा।
दून अस्पताल में तोड़ा दम
गंभीर रूप से घायल गुंजन वहीं सड़क पर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। आसपास के लोगों ने तुरंत गुंजन को गंभीर हालत में दून अस्पताल पहुंचाया।
हालांकि, डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद गुंजन को बचाया नहीं जा सका और उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया।
घटना के तुरंत बाद आरोपी गिरफ्तार
हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मच्छी बाजार के पास से ही आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त चापड़ भी बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की तैयारी की गई थी।
कोर्ट में पेशी के दौरान फूटा लोगों का गुस्सा
मंगलवार को जैसे ही आरोपी को कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया, वहां मौजूद लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। गुंजन की सरेआम हत्या से लोग पहले ही बेहद गुस्से में थे। जैसे ही आरोपी दिखा, भीड़ ने उसे घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी।
हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया। काफी मशक्कत के बाद आरोपी को सुरक्षित कोर्ट के भीतर पहुंचाया गया और कार्यवाही पूरी कराई गई।
देहरादून गुंजन हत्याकांड के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर न्यायालय परिसर जैसी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर कैसे हो गई? यदि पुलिस समय रहते हस्तक्षेप नहीं करती, तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे।
कानूनी जानकारों का कहना है कि कानून को हाथ में लेना किसी भी सूरत में उचित नहीं है, भले ही मामला कितना भी संवेदनशील क्यों न हो। दोषी को सजा दिलाने का काम अदालत का है, न कि भीड़ का।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, जांच की मांग
कोर्ट परिसर में हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। माना जा रहा है कि पूरे मामले की आंतरिक जांच भी की जा सकती है।
देहरादून गुंजन हत्याकांड सिर्फ एक जघन्य अपराध नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और न्यायिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बन चुका है। एक ओर जहां युवती की बेरहमी से हत्या ने समाज को झकझोर दिया, वहीं दूसरी ओर कोर्ट परिसर में आरोपी की पिटाई ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि गुस्से और न्याय के बीच की रेखा कहीं धुंधली तो नहीं हो रही।
अब देखना होगा कि इस पूरे मामले में आगे जांच और न्यायिक प्रक्रिया किस दिशा में जाती है।


