Congress holds mega rally at Delhi's Ramlila Maidan todayFile Photo

नई दिल्ली: देश की राजनीति में शनिवार को एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला, जब राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में कांग्रेस ने वोट चोरी के खिलाफ महारैली का आयोजन किया। इस रैली को कांग्रेस नेतृत्व ने लोकतंत्र, संविधान और जन अधिकारों की रक्षा के लिए एक निर्णायक कदम बताया है। रैली में देशभर से लाखों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता इस विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे हैं।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने बताया कि इस महारैली की तैयारियां पिछले कई दिनों से युद्धस्तर पर की जा रही थीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के हर विधानसभा क्षेत्र और हर बूथ से कांग्रेस कार्यकर्ता इस रैली में भाग ले रहे हैं। आयोजन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पार्टी संगठन ने ज़मीनी स्तर तक जिम्मेदारियां तय की हैं।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम

रामलीला मैदान और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस और प्रशासन के सहयोग से ट्रैफिक डायवर्जन, भीड़ प्रबंधन और आपात सेवाओं की विशेष व्यवस्था की गई है। कांग्रेस सेवा दल के साथ-साथ बड़ी संख्या में प्रशिक्षित वालंटियर्स तैनात किए गए हैं, ताकि रैली में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।

देवेन्द्र यादव ने बताया कि जो कार्यकर्ता अन्य राज्यों से एक दिन पहले दिल्ली पहुंचे, उनके ठहरने, भोजन और परिवहन की भी समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आयोजित की जा रही है।

देशभर से दिल्ली पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता

इस महारैली की सबसे बड़ी खासियत इसका राष्ट्रीय स्वरूप है। दिल्ली और आसपास के राज्यों के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा और दक्षिण भारत के कई राज्यों से कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे हैं। शनिवार को भी सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता बसों और ट्रेनों से रामलीला मैदान के लिए रवाना हुए।

जम्मू-कश्मीर से भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का बड़ा दल इस रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचा। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि पिछले कई चुनावों में वोट चोरी की शिकायतें सामने आई हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने वोट चोरी के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन छेड़ने का निर्णय लिया है।

1027 कांग्रेसी जम्मू-कश्मीर से शामिल

जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला और प्रदेश प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने जानकारी दी कि राज्य से 1027 कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि यह रैली केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र बचाने की लड़ाई का प्रतीक है।
उनका कहना है कि आज देश में जन अधिकारों पर हमले हो रहे हैं, संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता कमजोर की जा रही है और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस इस रैली के माध्यम से इन्हीं मुद्दों को जनता के सामने मजबूती से रख रही है।

व्यापक प्रचार-प्रसार, पूरी दिल्ली में अभियान

कांग्रेस ने इस महारैली को लेकर दिल्ली में बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान चलाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टर दिल्ली के लगभग हर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी क्षेत्र में लगाए गए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य आम जनता को वोट चोरी के मुद्दे से अवगत कराना और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।

कांग्रेस का दावा है कि उसने भाजपा की कथित “वोट चोरी” को लेकर तथ्यों और आंकड़ों के साथ पूरे देश में सवाल उठाए हैं और अब इस महारैली के जरिए जनता की अदालत में मामला रखा जा रहा है।

“भाजपा वोट चोरी की सरकार” – अजय कुमार लल्लू

ओडिशा कांग्रेस के प्रभारी अजय कुमार लल्लू ने दिल्ली में आयोजित इस महारैली को लोकतंत्र की रक्षा के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा,
“जिस तरह देश में लोकतंत्र को बंधक बना लिया गया है, उससे साफ है कि मौजूदा भाजपा सरकार वोट चोरी की सरकार बन चुकी है।”

लल्लू ने कहा कि राहुल गांधी ने विभिन्न राज्यों में प्रेस वार्ताएं कर एक-एक वोटर और बूथ से जुड़ी जानकारी देश, मीडिया और जनता के सामने रखने का काम किया है। उनके अनुसार, भाजपा लोकतांत्रिक प्रणाली को कमजोर कर देश को एकाधिकारवादी व्यवस्था की ओर ले जाना चाहती है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।

राहुल गांधी के नेतृत्व में आंदोलन

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने संसद से सड़क तक लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई छेड़ी है। यह महारैली उसी संघर्ष का विस्तार है। पार्टी का दावा है कि आने वाले समय में वोट चोरी और चुनावी पारदर्शिता को लेकर कांग्रेस और अधिक आक्रामक रुख अपनाएगी।

लोकतंत्र और संविधान का संदेश

रामलीला मैदान की इस महारैली को कांग्रेस ने संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ के नारे के साथ आयोजित किया है। नेताओं का कहना है कि यह रैली केवल राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति सजग करने का प्रयास है।

कांग्रेस का दावा है कि इस जनसभा से एक स्पष्ट संदेश जाएगा कि लोकतंत्र के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। राजधानी में आयोजित इस विशाल रैली ने एक बार फिर देश की राजनीति में गर्माहट बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक प्रभाव दूर तक देखने को मिल सकते हैं।

By Bhaskar

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