घनसाली विकास योजनाएं

टिहरी गढ़वाल/ घनसाली विकास योजनाएं: पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने गुरुवार को जनपद टिहरी के घनसाली में 41.21 करोड़ रुपये की विभिन्न घनसाली विकास योजनाएं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन योजनाओं में 13.43 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 27.78 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में उच्चीकृत किए जाने की भी औपचारिक घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने अस्पताल के लिए भूमि दान करने वाले कृष्णा गैरोला और उनके परिवार को सम्मानित कर समाज में सेवा भावना को प्रेरक उदाहरण बताया।


सड़क और भवन निर्माण परियोजनाओं को मिली रफ्तार

लोकार्पित योजनाओं में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत धमातोली से घनसाली अखोड़ी मोटर मार्ग वाया चांजी मार्ग का अपग्रेडेशन, नागेश्वर सौड़ से गोना वाया सरकंडा मोटर मार्ग अपग्रेडेशन तथा विकासखंड भिलंगना के राजकीय इंटर कॉलेज कोट विशन में भवन का पुनर्निर्माण शामिल है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया है, उनका कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और किसी भी स्तर पर कार्य बाधित नहीं होने दिया जाएगा।

घनसाली विकास योजनाएं

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आयाम

घनसाली क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकृत किया जा रहा है। इसके अलावा पिलखी बेलेश्वर क्षेत्र में उप-चिकित्सालय की स्थापना की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा दी जा रही है। डीबीटी प्रणाली के जरिए योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि नंदा गौरा योजना के तहत बेटियों को 51 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है और प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।


यू-प्रिपेयर योजना के तहत नई परियोजनाएं

शिलान्यास की गई योजनाओं में विश्व बैंक पोषित यू-प्रिपेयर योजना के अंतर्गत हनुमान मंदिर के समीप 50 मीटर इंटरमीडिएट लेन स्टील गर्डर मोटर सेतु निर्माण, तहसील बालगंगा के आवासीय एवं अनावासीय भवनों का निर्माण, गंगी में स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण तथा पीएचसी पिलखी का सीएचसी में उच्चीकरण शामिल है।

इन परियोजनाओं से आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।


युवाओं और बुनियादी सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि इच्छाशक्ति हो तो संसाधनों की कमी भी दूर की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में हजारों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है और अवैध अतिक्रमण हटाकर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया है।

घनसाली विकास योजनाएं

जनप्रतिनिधियों की मांगों पर विचार

कार्यक्रम में विधायक शक्तिलाल शाह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए 30 बेड अस्पताल, तीनगढ़ पुनर्वास, बालगंगा पुल निर्माण, विद्यालय भवन निर्माण और बिजलीघर शिलान्यास जैसे कार्यों के लिए आभार जताया।

उन्होंने 37 सूत्रीय मांगें भी रखीं, जिनमें अखोड़ी का उच्चीकरण, थाती भटवाड़ा में बाढ़ सुरक्षा कार्य, धमातोली हाईस्कूल का इंटर कॉलेज में उच्चीकरण, मिनी स्टेडियम निर्माण और कोठार-सौड़ सड़क निर्माण प्रमुख रहे।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सौंपे गए ज्ञापन की योजनाओं को प्राथमिकता से मुख्यमंत्री घोषणाओं में शामिल किया जाएगा।


सामाजिक और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने सभी को होली की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि राज्य का समग्र विकास ही सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।


पर्वतीय विकास की दिशा में मजबूत कदम

41.21 करोड़ रुपये की घनसाली विकास योजनाएं पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही हैं। सड़क अपग्रेडेशन, पुल निर्माण, स्वास्थ्य केंद्र उच्चीकरण और प्रशासनिक भवन निर्माण जैसी परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास को गति देंगी।

यदि इन योजनाओं का क्रियान्वयन तय समयसीमा में पूरा होता है, तो घनसाली क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा और संपर्क सुविधाओं में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। राज्य सरकार का यह प्रयास पर्वतीय अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने और संतुलित विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम साबित हो सकता है।

By Bhaskar

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