उत्तरकाशी/ चारधाम यात्रा मार्ग निरीक्षण: आगामी यात्रा सीजन को देखते हुए राज्य सरकार ने तैयारियों की रफ्तार तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर शुक्रवार को सचिव लोक निर्माण डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने उत्तरकाशी–भटवाड़ी–हर्षिल–गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-34 (NH-34) पर निर्माणाधीन कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस चारधाम यात्रा मार्ग निरीक्षण के दौरान सचिव ने बीआरओ और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 अप्रैल 2026 तक NH-34 को पूर्ण रूप से दुरुस्त कर यात्रा के लिए सुरक्षित और सुगम बनाया जाए।
लैंडस्लाइड जोन में कटिंग और चौड़ीकरण के निर्देश
चारधाम यात्रा मार्ग निरीक्षण के दौरान डॉ. पांडेय ने यात्रा मार्ग पर जमा मलबा तत्काल हटाने और डेंजर/लैंडस्लाइड जोन में आवश्यकतानुसार कटिंग कर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक भूस्खलन की घटनाएं आम हैं, इसलिए संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी और पूर्व तैयारी अनिवार्य है।
अधिकारियों को हॉट मिक्स तकनीक से सड़क की राइडिंग क्वालिटी सुधारने और गड्ढामुक्त मार्ग सुनिश्चित करने को कहा गया। सचिव ने स्पष्ट किया कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी प्रमुख स्थलों पर हॉट मिक्स का कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए।
स्वाडी-गाड में 85 मीटर स्पान स्टील सेतु पर तेजी
चारधाम यात्रा मार्ग निरीक्षण के दौरान सचिव ने स्वाडी-गाड में निर्माणाधीन 85 मीटर स्पान स्टील गर्डर सेतु का भी जायजा लिया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सेतु की लॉन्चिंग, डेक स्लैब का निर्माण और एप्रोच रोड का कार्य हर हाल में पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह पुल क्षेत्रीय आवागमन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और किसी भी प्रकार की देरी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
धराली क्षेत्र में क्षतिग्रस्त मार्ग पर नाराजगी
चारधाम यात्रा मार्ग निरीक्षण के दौरान सचिव ने मुखवा से धराली तक पैदल मार्ग और पैदल सेतु का भी निरीक्षण किया। हाल ही में धराली क्षेत्र में आई भीषण दैवीय आपदा के कारण पैदल सेतु और राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए थे।
डॉ. पांडेय ने पाया कि धराली स्थित क्षतिग्रस्त पैदल सेतु की मरम्मत का कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ है। साथ ही धराली और हर्षिल के बीच दो स्थानों पर क्षतिग्रस्त NH-34 के पुनर्निर्माण में भी देरी हो रही है। इस पर उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
15 अप्रैल 2026 डेडलाइन तय
सचिव लोक निर्माण ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि चारधाम यात्रा से संबंधित सभी कार्य प्राथमिकता और तीव्र गति से पूरे किए जाएं। उन्होंने 15 अप्रैल 2026 को लक्ष्य तिथि तय करते हुए कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले सड़क की स्थिति बेहतर, सुरक्षित और सुचारु होनी चाहिए।
बीआरओ और विभागीय अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक कार्य पूरे कर लिए जाएंगे और मार्ग की राइडिंग क्वालिटी में उल्लेखनीय सुधार होगा।
सुरक्षा और सुविधा पर सरकार का फोकस
चारधाम यात्रा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रा मार्ग की स्थिति राज्य सरकार की प्राथमिकता में है।
NH-34 गंगोत्री धाम तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग है। इस मार्ग पर भूस्खलन, संकरी सड़कें और मौसम संबंधी चुनौतियां यात्रियों के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह चारधाम यात्रा मार्ग निरीक्षण किया गया, ताकि समय रहते सभी खामियों को दूर किया जा सके।
तकनीकी मानकों का पालन अनिवार्य
चारधाम यात्रा मार्ग निरीक्षण के दौरान सचिव ने कार्यदायी एजेंसियों को गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन किया जाए और कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि संवेदनशील स्थलों पर साइनबोर्ड, पैरापेट और सुरक्षा दीवारों की स्थिति की भी समीक्षा की जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
मौके पर मौजूद रहे अधिकारी
चारधाम यात्रा मार्ग निरीक्षण के दौरान इंजीनियर रणजीत सिंह, इंजीनियर विजय कुमार, इंजीनियर नवीन लाल, इंजीनियर कैलाश चंद्र नौटियाल, मेजर संतोष कुमार सहित बीआरओ और लोक निर्माण विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने सचिव को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए भरोसा दिलाया कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले सभी निर्माण और मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे।
समयबद्ध क्रियान्वयन पर नजर
राज्य सरकार की मंशा साफ है कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव मिले। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर निगरानी तेज कर दी गई है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि तय समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण होते हैं या नहीं। यदि योजनानुसार कार्य संपन्न होते हैं, तो आगामी यात्रा सीजन में NH-34 पर यातायात पहले से अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगा।
समग्र रूप से देखा जाए तो यह चारधाम यात्रा मार्ग निरीक्षण राज्य सरकार की तैयारियों और गंभीरता का संकेत है। 15 अप्रैल 2026 की समय सीमा के साथ प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यात्रा मार्गों की दुरुस्ती में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

