देहरादून: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ विधिवत शुरू होने जा रही है। हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार और संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
इसी क्रम में परिवहन विभाग ने चारधाम यात्रा ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया 30 मार्च से शुरू कर दी है। यह ग्रीन कार्ड विशेष रूप से व्यावसायिक वाहनों—बस, टैक्सी और मैक्सी कैब—के लिए अनिवार्य किया गया है, ताकि केवल फिट और सुरक्षित वाहन ही पर्वतीय मार्गों पर संचालित हो सकें।
ऋषिकेश में हुआ ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का शुभारंभ
चारधाम यात्रा को देखते हुए ऋषिकेश स्थित उपसंभागीय परिवहन कार्यालय में ग्रीन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने ग्रीन कार्ड कक्ष और वाहन निरीक्षण केंद्र का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम के दौरान 40 व्यावसायिक वाहनों—बस, टैक्सी और मैक्सी—को ग्रीन कार्ड जारी किए गए। इस पहल का उद्देश्य यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाना है, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
क्या है ग्रीन कार्ड और क्यों है जरूरी?
चारधाम यात्रा ग्रीन कार्ड दरअसल एक प्रमाण पत्र है, जो यह सुनिश्चित करता है कि संबंधित वाहन यात्रा के लिए पूरी तरह फिट है और उसके सभी दस्तावेज वैध हैं।
उत्तराखंड के पर्वतीय मार्ग चुनौतीपूर्ण होते हैं, जहां अक्सर तीव्र मोड़, संकरे रास्ते और ऊंचाई के कारण जोखिम बना रहता है। ऐसे में यदि वाहन तकनीकी रूप से सक्षम नहीं है, तो दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
इसी जोखिम को कम करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा ग्रीन कार्ड अनिवार्य किया गया है। यह न केवल वाहन की तकनीकी जांच सुनिश्चित करता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
इन स्थानों पर बनवाया जा सकता है ग्रीन कार्ड
वाहन स्वामियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने राज्यभर में कई केंद्र स्थापित किए हैं। प्रमुख पंजीकरण और जांच केंद्रों में हरिद्वार, ऋषिकेश और नारसन बॉर्डर शामिल हैं।
इसके अलावा देहरादून संभाग के रुड़की, आशारोड़ी, विकासनगर, टिहरी और उत्तरकाशी में भी ग्रीन कार्ड पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
प्रदेश के सभी आरटीओ और एआरटीओ कार्यालयों में भी यह सुविधा दी जा रही है, जिससे अधिक से अधिक वाहन स्वामी आसानी से आवेदन कर सकें।
ऑनलाइन आवेदन से बढ़ी पारदर्शिता
परिवहन विभाग ने ग्रीन कार्ड प्रक्रिया को डिजिटल बनाते हुए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी शुरू कर दी है। वाहन स्वामी आधिकारिक वेबसाइट https://www.greencard.uk.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन के बाद वाहन मालिक को अपने नजदीकी परिवहन कार्यालय में वाहन का तकनीकी निरीक्षण करवाना होगा। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा।
यह डिजिटल व्यवस्था न केवल प्रक्रिया को आसान बनाती है, बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित करती है और समय की बचत करती है।
वाहन निरीक्षण में इन बातों पर होगा विशेष ध्यान
ग्रीन कार्ड जारी करने से पहले परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की सख्त जांच की जाती है। इसमें वाहन की भौतिक और यांत्रिक स्थिति का परीक्षण किया जाता है।
वाहन के टायर कटे-फटे या अत्यधिक घिसे हुए नहीं होने चाहिए। सभी जरूरी प्रमाण पत्र वैध होने चाहिए। इसके अलावा वाहन में कूड़ेदान या वॉमिटिंग बैग, फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र का होना अनिवार्य है।
इन सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही वाहन को ग्रीन कार्ड जारी किया जाता है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करते समय वाहन स्वामियों को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। इनमें वाहन का वैध फिटनेस सर्टिफिकेट, अप-टू-डेट बीमा, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र और चालक का हिल ड्राइविंग लाइसेंस शामिल है।
इसके अलावा चालक का अनुभव प्रमाण पत्र भी मांगा जाता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि चालक पर्वतीय मार्गों पर वाहन चलाने में सक्षम है।
ऑनलाइन आवेदन के दौरान इन दस्तावेजों को अपलोड करना होता है, जबकि निरीक्षण के समय इनकी भौतिक जांच भी की जाती है।
सुरक्षा और सुगमता की दिशा में बड़ा कदम
चारधाम यात्रा ग्रीन कार्ड व्यवस्था को राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दुर्घटनामुक्त बनाना है।
हर साल यात्रा के दौरान भारी संख्या में वाहन पहाड़ी मार्गों पर चलते हैं, जिससे ट्रैफिक और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में ग्रीन कार्ड व्यवस्था एक प्रभावी नियंत्रण तंत्र के रूप में काम करती है।
समय रहते करें तैयारी
चारधाम यात्रा 2026 को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए ग्रीन कार्ड अनिवार्य किया गया है। ऐसे में सभी व्यावसायिक वाहन स्वामियों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपने वाहन की जांच करवा लें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
यात्रा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है, और इसमें वाहन स्वामियों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

