Budget 2026 Agriculture
नई दिल्ली।
देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कृषि और ग्रामीण क्षेत्र के लिए आगामी केंद्रीय बजट 2026 निर्णायक साबित हो सकता है। 01 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए जाने वाले इस बजट से पहले कृषि मंत्रालय ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर यह साफ संकेत दे दिया है कि Budget 2026 Agriculture में ग्रामीण रोजगार, कृषि विकास और किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार का जोर अब केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं, बल्कि उनके प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन पर है। यही वजह है कि इस बार “परफॉर्म करो और फंड पाओ” का स्पष्ट संदेश राज्यों को दिया गया है।
राज्यों के साथ महामंथन: परिणाम आधारित फंडिंग का मॉडल
नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में आयोजित इस अहम बैठक में गुजरात और पंजाब जैसे प्रमुख कृषि राज्यों के मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और आगामी बजट से पहले राज्यों की जरूरतों को समझना था।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार अब रिजल्ट ओरिएंटेड फंडिंग की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने दो टूक कहा,
“जो राज्य केंद्र की राशि का समय पर, नियमों के तहत और पारदर्शी तरीके से उपयोग करेंगे, उन्हें बजट 2026 में किसी तरह की वित्तीय बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।”
बैठक में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) और कृषोन्नति योजना (KY) जैसी प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की गई। कृषि मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रांश (Central Share) के ब्याज को समय पर जमा करना अनिवार्य होगा, ताकि अगली किस्तें बिना किसी रुकावट के जारी की जा सकें।
‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना: मनरेगा से आगे की सोच
बजट 2026 का सबसे बड़ा आकर्षण ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना मानी जा रही है। इसे मौजूदा मनरेगा (MGNREGA) की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए एक उन्नत और अधिक प्रभावी विकल्प के रूप में तैयार किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस योजना के लिए बजट आवंटन में करीब 72% तक की बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं:
- रोजगार गारंटी: कार्य दिवसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने का प्रस्ताव।
- बेरोजगारी भत्ता: यदि तय समय में काम नहीं मिलता, तो श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता।
- देरी पर ब्याज: मजदूरी भुगतान में देरी होने पर लंबित राशि पर ब्याज।
- ग्रामीण संपत्ति निर्माण: नहरें, तालाब, ग्रामीण सड़कें और जल संरक्षण संरचनाएं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना केवल रोजगार सृजन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करेगी।
बजट आवंटन में बड़ा उछाल: ₹88,000 करोड़ से ₹1.51 लाख करोड़
उत्तराखंड के चमोली में आयोजित एक किसान सम्मेलन का उल्लेख करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने संकेत दिया था कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कैश फ्लो बढ़ाने के लिए आक्रामक नीति अपना रही है।
जहां पिछले वित्त वर्ष में ग्रामीण रोजगार और संबंधित योजनाओं के लिए लगभग ₹88,000 करोड़ का प्रावधान था, वहीं बजट 2026 में इसे बढ़ाकर ₹1,51,282 करोड़ करने का प्रस्ताव है। यह लगभग पौने दो गुना की बढ़ोतरी है, जो ग्रामीण भारत की क्रय शक्ति बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
आर्थिक विशेषज्ञ मानते हैं कि इतना बड़ा निवेश ग्रामीण मांग को मजबूत करेगा, जिसका सकारात्मक असर कृषि इनपुट, एफएमसीजी और लघु उद्योगों पर भी पड़ेगा।
राज्यों की मांगें और केंद्र का समन्वय
बैठक में पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और गुजरात के कृषि राज्य मंत्री रमेशभाई कटारा ने अपने-अपने राज्यों की विशिष्ट जरूरतों को सामने रखा। इन जरूरतों में सिंचाई, फसल विविधीकरण, और बाजार तक सीधी पहुंच जैसे मुद्दे शामिल थे।
कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने योजनाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग और बजट उपयोग की रियल-टाइम ट्रैकिंग पर प्रस्तुति दी। सरकार का लक्ष्य है कि बजट से पहले लंबित प्रस्तावों को मंजूरी देकर 1 अप्रैल से योजनाओं को पूरी गति से लागू किया जा सके।
ग्रामीण भारत की उम्मीदें: बजट 2026 से क्या अपेक्षा
विशेषज्ञों का मानना है कि Budget 2026 Agriculture के तहत सरकार निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे सकती है:
- डिजिटल एग्री स्टैक: किसानों को तकनीक और डेटा से जोड़ने के लिए निवेश।
- प्राकृतिक और जैविक खेती: रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा।
- भंडारण और वेयरहाउसिंग: फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सब्सिडी।
- किसान आय दोगुनी करने की दिशा: मूल्य संवर्धन और मार्केट लिंकज।
निष्कर्ष
शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में कृषि मंत्रालय जिस आक्रामक रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है, वह साफ संकेत देता है कि केंद्रीय बजट 2026 ग्रामीण भारत के लिए एक टर्निंग पॉइंट बन सकता है। ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना के लिए प्रस्तावित भारी-भरकम बजट न केवल रोजगार सृजन करेगा, बल्कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगा।
यदि योजनाओं का क्रियान्वयन उसी सख्ती और पारदर्शिता से हुआ, जैसा केंद्र सरकार संकेत दे रही है, तो Budget 2026 Agriculture वास्तव में किसानों और ग्रामीण श्रमिकों के जीवन में ठोस बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है।
