Site icon आज की ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज़ और लेटेस्ट अपडेट | Bugyal News, हिंदी न्यूज़

Bondi Beach Shooting: सिडनी हमले में जिंदा बचे आरोपी नवीद अकरम पर 59 आरोप तय, 15 हत्याओं और आतंकी साजिश का मामला

Bondi Beach Shooting

Bondi Beach Shooting Terror Attac

सिडनी।

ऑस्ट्रेलिया के इतिहास के सबसे भीषण आतंकी हमलों में से एक माने जा रहे Bondi Beach Shooting Terror Attack मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। न्यू साउथ वेल्स (NSW) पुलिस ने रविवार को सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुई सामूहिक गोलीबारी में जीवित बचे एकमात्र आरोपी नवीद अकरम (Naveed Akram) पर कुल 59 आपराधिक आरोप तय किए हैं। इनमें 15 हत्याओं, आतंकी कृत्य (Terrorist Act) और हत्या के इरादे से गंभीर चोट पहुंचाने के 40 मामलों समेत कई अन्य गंभीर धाराएं शामिल हैं।

इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए थे। यह घटना 1996 के बाद ऑस्ट्रेलिया की सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी मानी जा रही है।


अस्पताल से हुई पहली पेशी

NSW पुलिस के अनुसार, नवीद अकरम इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसकी हालत नाजुक होने के कारण उसकी पहली अदालत पेशी अस्पताल के बिस्तर से वीडियो लिंक के जरिए कराई गई। न्यू साउथ वेल्स की स्थानीय अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अप्रैल 2026 तक के लिए स्थगित कर दी है।

पुलिस आयुक्त मैल लेनन (Mal Lanyon) ने बताया कि आरोपी से औपचारिक पूछताछ शुरू करने से पहले डॉक्टरों द्वारा दी जा रही दवाओं का असर खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है।

“न्यायसंगत प्रक्रिया के लिए यह जरूरी है कि आरोपी पूरी तरह समझ सके कि उसके साथ क्या हो रहा है,”
— मैल लेनन, NSW पुलिस कमिश्नर


पिता की पुलिस मुठभेड़ में मौत

इस आतंकी हमले में आरोपी का पिता साजिद अकरम (50) भी शामिल था, जिसकी मौके पर ही पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर यह हमला अंजाम दिया था।

जांच में सामने आया है कि साजिद अकरम मूल रूप से भारत के हैदराबाद (तेलंगाना) का निवासी था, हालांकि उसका अपने परिवार से संपर्क बेहद सीमित था। तेलंगाना पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।


यहूदी समुदाय को बनाया गया निशाना

Sydney Terror Attack का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यह हमला ऑस्ट्रेलिया के यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किया गया। यह गोलीबारी हनुक्का (Hanukkah) के पहले दिन के अवसर पर आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हुई।

हमले में मारे गए लोगों में:

इस घटना ने न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया बल्कि पूरी दुनिया में यहूदी विरोधी हिंसा (Antisemitism) को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।


आतंकी घटना घोषित, IS विचारधारा से प्रेरणा का शक

ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने इस हमले को औपचारिक रूप से आतंकी घटना घोषित कर दिया है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह हमला इस्लामिक स्टेट (IS) की विचारधारा से प्रेरित प्रतीत होता है।

प्रधानमंत्री ने कहा,

“यह हमला हमारे मूल्यों, हमारी विविधता और सामाजिक सौहार्द पर सीधा हमला है।”


फिलीपींस यात्रा ने बढ़ाई जांच की गंभीरता

जांच में यह भी सामने आया है कि पिता-पुत्र नवंबर महीने में फिलीपींस गए थे। फिलीपींस इमिग्रेशन ब्यूरो के अनुसार:

नवीद अकरम ने ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट, जबकि साजिद अकरम ने भारतीय पासपोर्ट पर यात्रा की थी। इस यात्रा को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से संभावित संपर्क की जांच की जा रही है।


घायलों की स्थिति

इस हमले में 20 से अधिक लोग अब भी सिडनी के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से:

22 वर्षीय पुलिस अधिकारी जैक हिब्बर्ट ने एक आंख की रोशनी खो दी है और उन्हें लंबी रिकवरी से गुजरना होगा। उनके परिवार ने इसे “जीवन बदल देने वाली चोट” बताया है।


देश शोक में, अंतिम संस्कार शुरू

बुधवार को हजारों लोग ब्रिटिश मूल के रब्बी एली श्लांगर के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। वे इस हमले के पहले शिकारों में से एक थे और हनुक्का कार्यक्रम के आयोजकों में शामिल थे।

अंतिम संस्कार में बोलते हुए रब्बी लेवी वोल्फ ने कहा:

“एली का जाना हमारी आत्मा से एक हिस्सा छीन लेने जैसा है। वे प्रेम, सेवा और समर्पण का प्रतीक थे।”

अन्य पीड़ितों, जिनमें मासूम बच्ची मैटिल्डा भी शामिल है, के अंतिम संस्कार आने वाले दिनों में किए जाएंगे।


प्रधानमंत्री पर उठे सवाल

प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ की अंतिम संस्कार में अनुपस्थिति को लेकर यहूदी समुदाय के कुछ वर्गों ने नाराजगी जताई। हालांकि, अल्बनीज़ ने सफाई देते हुए कहा कि वे हर उस कार्यक्रम में शामिल होते हैं, जहां उन्हें आमंत्रित किया जाता है।

उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने:


निष्कर्ष

Bondi Beach Shooting न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी है कि आतंकवाद और कट्टरपंथ किसी भी समाज को अंदर से तोड़ सकता है। नवीद अकरम पर लगे आरोपों की गंभीरता इस बात का संकेत है कि यह मामला आने वाले वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहेगा।

यह हमला निर्दोष लोगों, धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द पर किया गया एक क्रूर हमला था—जिसकी गूंज अभी लंबे समय तक सुनाई देगी।

Exit mobile version