भारतीय मौसम विज्ञान विभागPhoto: PTI

नई दिल्ली: देशभर में पिछले कुछ दिनों से जारी बेमौसम बारिश और ठंडक का दौर अब समाप्त होने की कगार पर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आने वाले सात दिनों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलेगा और तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी। अप्रैल के महीने में भी जहां अब तक हल्की ठंड का एहसास बना हुआ था, वहीं अब उत्तर और मध्य भारत में गर्मी की वापसी तय मानी जा रही है।

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, फिलहाल अगले 2-3 दिनों तक तापमान सामान्य से नीचे या उसके आसपास बना रह सकता है, लेकिन इसके बाद इसमें तेजी से उछाल आएगा। इससे लोगों को एक बार फिर तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।


अगले 7 दिनों में तेजी से बढ़ेगा तापमान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल तक देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 4 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। खासकर उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में तापमान में 8 से 10 डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है, जो मौसम में बड़ा बदलाव साबित होगा।

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में तापमान 6 से 8 डिग्री तक बढ़ने की संभावना है, जबकि मध्य भारत में 4 से 6 डिग्री तक की वृद्धि का अनुमान है। इस बदलाव के चलते दिन का तापमान धीरे-धीरे सामान्य से ऊपर पहुंच जाएगा।


पूर्वोत्तर भारत में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

जहां एक तरफ देश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का असर बढ़ेगा, वहीं पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम का अलग ही मिजाज देखने को मिलेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले सप्ताह असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना भी जताई गई है। पूर्वोत्तर भारत में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है, जिससे वहां तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी।


पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है। हालांकि, यह पश्चिमी विक्षोभ अपेक्षाकृत कमजोर है, इसलिए मैदानी इलाकों में इसका ज्यादा असर नहीं दिखेगा।

पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम के इस बदलाव से ठंडक बनी रह सकती है, जबकि निचले इलाकों में धीरे-धीरे गर्मी बढ़ेगी।


दक्षिण और तटीय राज्यों में बढ़ेगी उमस भरी गर्मी

दक्षिण भारत और समुद्र तटीय राज्यों में आने वाले दिनों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में तापमान के साथ-साथ नमी भी बढ़ेगी, जिससे गर्मी का असर ज्यादा महसूस होगा।

हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल देश के किसी भी हिस्से में लू (Heatwave) को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। लेकिन तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी आने वाले समय में लू की स्थिति पैदा कर सकती है।


राज्यों के अनुसार तापमान में बदलाव

मौसम विभाग के मुताबिक, गुजरात में 12 अप्रैल तक तापमान में 2 से 4 डिग्री की वृद्धि हो सकती है, जबकि महाराष्ट्र में 10 से 13 अप्रैल के बीच 2 से 3 डिग्री तक तापमान बढ़ने की संभावना है।

पूर्वी भारत में फिलहाल तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन 10 से 13 अप्रैल के बीच यहां भी 5 से 7 डिग्री तक तापमान बढ़ सकता है। इसके बाद तापमान स्थिर रहने की संभावना है।


बदलता मौसम, बढ़ेगी सावधानी की जरूरत

मौसम में इस तेजी से बदलाव का सीधा असर लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। अचानक ठंड से गर्मी में बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम, डिहाइड्रेशन और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को इस दौरान पर्याप्त पानी पीना चाहिए, धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए और हल्के कपड़े पहनने चाहिए।


भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का यह ताजा अपडेट साफ संकेत दे रहा है कि अब देश में मौसम तेजी से करवट लेने वाला है। जहां एक ओर उत्तर और मध्य भारत में गर्मी का असर बढ़ेगा, वहीं पूर्वोत्तर और पहाड़ी इलाकों में बारिश और ठंडक बनी रहेगी।

आने वाले 7 दिन मौसम के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं, क्योंकि यही तय करेंगे कि इस साल गर्मी कितनी तीव्र होगी। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करने की सलाह दी गई है।

By Bhaskar

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