Anaganaga Oka Raju Review HindiAnaganaga Oka Raju Movie

Anaganaga Oka Raju Review Hindi

दो साल पहले आई शहरी रोमांटिक कॉमेडी Miss Shetty Mr Polishetty के बाद अभिनेता और पटकथा लेखक Naveen Polishetty एक बार फिर हास्य से लबरेज फिल्म Anaganaga Oka Raju के साथ लौटे हैं। लेकिन इस बार उनका अंदाज़ पहले से कहीं ज्यादा बेबाक, शोरगुल भरा और ‘प्ले-टू-द-गैलरी’ वाला है। जहां पिछली फिल्म में नवीन ने अपने अभिनय में संयम दिखाया था, वहीं ‘अनगनगा ओका राजू’ में वह खुलकर दर्शकों को हंसाने की कोशिश करते नजर आते हैं।

यह फिल्म न केवल लगातार गग्स पर टिकी है, बल्कि हास्य के भीतर सामाजिक जिम्मेदारी का ताना-बाना भी बुनती है। यही वजह है कि यह फिल्म नवीन की 2021 की हिट मैड-कैप कॉमेडी Jathi Ratnalu से अलग पहचान बनाती है।


कहानी और लेखन

Anaganaga Oka Raju Review Hindi फिल्म की कहानी, पटकथा और संवाद नवीन पोलिशेट्टी और चिन्मयी घाटराजू ने लिखे हैं। चिन्मयी इस प्रोजेक्ट में क्रिएटिव डायरेक्टर भी हैं। कहानी एक ऐसे आलसी और खुद को हकदार समझने वाले युवक राजू के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मेहनत से बचकर ‘किंग साइज’ जिंदगी जीना चाहता है।

आंध्र प्रदेश के पेड्डापालेम गांव में रहने वाला राजू कभी जमींदार रहे परिवार का वंशज है। दौलत अब खत्म हो चुकी है, लेकिन दिखावा बरकरार है। राजू का सपना सीधा और सरल है—एक अमीर लड़की से शादी और आरामदेह जीवन। यह सेटअप बेहद परिचित है और शुरुआती दृश्यों के बाद ही दर्शक अंदाजा लगा सकता है कि आगे क्या होने वाला है।


निर्देशन और टोन

निर्देशक Maari शुरू से ही साफ कर देते हैं कि इस फिल्म को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। शुरुआती हिस्से में हास्य का स्तर ‘नो-ब्रेनर’ ज़ोन में रहता है और कहानी का ग्राफ काफी हद तक प्रेडिक्टेबल है। बावजूद इसके, संवादों में मौजूद कुछ शार्प लाइनें और तेज़ रफ्तार गग्स दर्शकों को बांधे रखते हैं।

पहले आधे घंटे में फिल्म थोड़ी लड़खड़ाती है, लेकिन जैसे ही चारुलता की एंट्री होती है, कहानी अपनी लय पकड़ लेती है।


मीनाक्षी चौधरी की एंट्री से बदलता माहौल

चारुलता के किरदार में Meenakshi Chaudhary फिल्म में जान डाल देती हैं। भारी गहनों से लदी चारुलता और राजू की मुलाकात के साथ ही आने वाला ट्विस्ट आसानी से भांपा जा सकता है। इसके बावजूद, हास्य लेखन इस प्रेडिक्टेबिलिटी की भरपाई करता है।

फिल्म में ‘बाहुबली’ से लेकर ‘टाइटैनिक’, अरिजीत सिंह से रणबीर कपूर और यहां तक कि के-ड्रामा कल्चर तक पर चुटीले तंज कसे गए हैं। ये गग्स भले ही कहानी को आगे न बढ़ाएं, लेकिन मनोरंजन का स्तर ऊंचा रखते हैं।


नवीन पोलिशेट्टी का दमदार प्रदर्शन

यह कहना गलत नहीं होगा कि ‘अनगनगा ओका राजू’ पूरी तरह नवीन पोलिशेट्टी के कंधों पर टिकी है। वह एक के बाद एक गग्स के जरिए दर्शकों को हंसाने की कोशिश करते हैं। कुछ जोक्स बेकार भी जाते हैं, लेकिन उनका कॉमिक टाइमिंग इतना मजबूत है कि दर्शक फिल्म के साथ बने रहते हैं।

‘पेड्डापालेम ब्रांच ऑफ गोवा की बागा बीच’ जैसा हास्यास्पद आइडिया इसी आउटरेजस ह्यूमर का उदाहरण है, जहां तर्क को ताक पर रखकर सिर्फ मस्ती की जाती है।


संगीत और तकनीकी पक्ष

संगीतकार Mickey J Meyer का संगीत फिल्म के मूड के अनुकूल है। गाने कहानी में खास योगदान नहीं देते, और दो गाने तो गैरज़रूरी भी लगते हैं, लेकिन बैकग्राउंड स्कोर हल्के-फुल्के माहौल को सपोर्ट करता है।

तकनीकी विभागों में सीमाएं साफ दिखती हैं, लेकिन हास्य का ओवरऑल प्रभाव इन कमियों को कुछ हद तक ढक देता है।


दूसरे हाफ में गिरती रफ्तार

फिल्म का अहम ट्विस्ट सामने आने के बाद कहानी कुछ समय के लिए अपनी गति खो देती है। कुछ दृश्य ऐसे लगते हैं मानो लेखक नए आइडिया की तलाश में भटक रहे हों। हालांकि, फिल्म एक ईर्ष्यालु खलनायक वाले घिसे-पिटे रास्ते पर नहीं जाती, जो इसे राहत देता है।


सोशल सटायर की ओर मोड़

फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा तब आता है, जब यह ओवर-द-टॉप कॉमेडी से निकलकर सोशल सटायर की ओर मुड़ती है। रील एडिक्शन, जमीनी मुद्दों के प्रति उदासीनता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों को छुआ गया है। भले ही यह क्षेत्र नया न हो और पहले भी कई राजनीतिक ड्रामा में दिख चुका हो, लेकिन यहां इसे हल्के-फुल्के अंदाज में पेश किया गया है।

राजू और चारुलता के किरदारों का ट्रांसफॉर्मेशन विश्वसनीय लगता है और फिल्म को भावनात्मक गहराई मिलती है।


सहायक कलाकार और निष्कर्ष

Rao Ramesh समेत कई अनुभवी कलाकारों को बेहद सीमित और अधूरे लिखे गए किरदार मिले हैं, जिससे उनकी प्रतिभा पूरी तरह सामने नहीं आ पाती।

कुल मिलाकर, Anaganaga Oka Raju ज्यादा टाइट और क्रिस्प लेखन से और बेहतर हो सकती थी। इसके बावजूद, नवीन पोलिशेट्टी की ऊर्जा, कॉमिक टाइमिंग और मीनाक्षी चौधरी की सधी हुई मौजूदगी इस फिल्म को बेहद मनोरंजक और एक बार जरूर देखे जाने लायक बनाती है।

तेज रफ्तार हास्य और हल्के सामाजिक संदेश की तलाश करने वाले दर्शकों के लिए यह तेलुगु कॉमेडी एक सुरक्षित और मजेदार विकल्प साबित होती है।

By Bhaskar

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