विला, लग्जरी फ्लैट, 50 एकड़ से अधिक जमीन, नकदी, सोना और करोड़ों के निवेश की जांच तेज; भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
हैदराबाद: तेलंगाना DSP आय से अधिक संपत्ति मामले के उजागर होने से प्रदेश में ख़लबली मची हुई है। दरअसल तेलंगाना में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) का मामला दर्ज किया। पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज में तैनात डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) संकीरेड्डी भीम रेड्डी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। इसी आरोप के आधार पर ACB ने उनके और उनसे जुड़े लोगों के कुल 16 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
प्रारंभिक जांच में सामने आई संपत्तियों की सूची ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है। विला, लग्जरी अपार्टमेंट, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, कृषि भूमि, भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और करोड़ों रुपये के निवेश जैसे कई दस्तावेज जांच एजेंसियों के हाथ लगे हैं। फिलहाल ACB पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और बरामद संपत्तियों का वास्तविक बाजार मूल्य भी आंका जा रहा है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
एंटी करप्शन ब्यूरो ने DSP संकीरेड्डी भीम रेड्डी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 संशोधन) की धारा 13(1)(b) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि अधिकारी ने अपने सेवा काल के दौरान कथित तौर पर अवैध तरीकों और भ्रष्टाचार के माध्यम से अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की।
ACB अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई लंबे समय से जुटाए गए इनपुट और प्रारंभिक जांच के आधार पर की गई। इसके बाद न्यायिक अनुमति लेकर विभिन्न स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की गई।
दोस्तों, रिश्तेदारों और कथित बेनामीदारों के ठिकानों पर भी कार्रवाई
जांच केवल अधिकारी के निजी आवास तक सीमित नहीं रही। ACB की टीम ने उनके रिश्तेदारों, करीबी दोस्तों, कथित बेनामीदारों और सहयोगियों से जुड़े कुल 15 अन्य स्थानों पर भी तलाशी अभियान चलाया।
जांच एजेंसी का मानना है कि कुछ संपत्तियां अन्य लोगों के नाम पर खरीदी गई हो सकती हैं। इसलिए सभी दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और निवेश से जुड़े कागजात की बारीकी से जांच की जा रही है।
विला, पेंटहाउस और कई लग्जरी फ्लैटों का मिला रिकॉर्ड
तेलंगाना DSP आय से अधिक संपत्ति मामले में छापेमारी के दौरान जिन संपत्तियों की जानकारी सामने आई, उनमें हैदराबाद के इब्राहिमबाग स्थित वेसेला मीडोज में एक आलीशान विला शामिल है। इसके अलावा टेलीकॉम नगर में पेंटहाउस के साथ G+2 मकान, एक अन्य फ्लैट, गाचीबोवली स्थित अपार्टमेंट में फ्लैट और तेल्लापुर क्षेत्र में दो अन्य फ्लैटों के दस्तावेज भी मिले हैं।
इसके अलावा मणिकोंडा क्षेत्र में स्थित G+5 कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में हिस्सेदारी तथा लगभग 3,000 वर्गफुट व्यावसायिक संपत्ति के दस्तावेज भी जांच एजेंसी के कब्जे में आए हैं।
प्रारंभिक जांच में नागोल, पटनचेरु, प्रगति रिसॉर्ट्स क्षेत्र और मोमिनपेट में कई प्लॉट होने की जानकारी भी सामने आई है।
तेलंगाना और कर्नाटक में 50 एकड़ से अधिक जमीन का रिकॉर्ड
ACB को छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में कृषि भूमि से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। जांच के अनुसार, अधिकारी और उनसे जुड़े लोगों के नाम पर 50 एकड़ से अधिक भूमि होने के संकेत मिले हैं।
इनमें संगारेड्डी जिले के जहीराबाद में कृषि भूमि, कर्नाटक में कई स्थानों पर जमीन, बेंगलुरु के निकट देवनहल्ली क्षेत्र में भूमि, विकाराबाद जिले के मोमिनपेट तथा मुचिंताला गांव में कृषि भूमि से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं।
जांच एजेंसी इन सभी संपत्तियों की खरीद के लिए इस्तेमाल की गई धनराशि के स्रोत का सत्यापन कर रही है।
नकदी, सोना और निवेश भी जांच के दायरे में
छापेमारी के दौरान ACB को अधिकारी के घर से करीब 3.6 लाख रुपये नकद बरामद हुए। वहीं, एक कथित बेनामीदार के आवास से लगभग 40 लाख रुपये नकद मिलने की भी जानकारी सामने आई है। इस तरह कुल मिलाकर करीब 43 लाख रुपये नकदी बरामद की गई।
इसके अलावा करीब दो किलोग्राम सोने के आभूषण, लगभग 20 किलोग्राम चांदी के सामान और विभिन्न बैंक खातों में लगभग 19.91 लाख रुपये की राशि का भी पता चला है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित अधिकारी ने एक निजी खनन कंपनी राघवेंद्र रॉक सैंड मिनरल्स में लगभग 75 लाख रुपये का निवेश किया था। इस निवेश के स्रोत और वैधता की भी जांच की जा रही है।
विदेशी शराब की बोतलें भी मिलीं
ACB की कार्रवाई के दौरान अधिकारी के आवास से विदेशी शराब की 23 बोतलें भी बरामद हुईं। इसके बाद संबंधित जानकारी आबकारी विभाग को भी भेज दी गई है, ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
हालांकि, इस मामले में आगे की कार्रवाई आबकारी विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।
बाजार मूल्य हो सकता है कई गुना अधिक
ACB अधिकारियों का कहना है कि जिन अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं, उनका वास्तविक बाजार मूल्य रजिस्ट्री में दर्ज कीमत से कई गुना अधिक हो सकता है। इसलिए विशेषज्ञों की मदद से संपत्तियों का स्वतंत्र मूल्यांकन कराया जाएगा।
यदि जांच में यह साबित होता है कि संपत्तियां आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक हैं, तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच अभी जारी, सामने आ सकती हैं और जानकारियां
फिलहाल ACB इस पूरे मामले में दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही संपत्तियों का अंतिम मूल्यांकन और आरोपों की पुष्टि की जा सकेगी।
तेलंगाना DSP आय से अधिक संपत्ति मामले में यह कार्रवाई एक बार फिर इस बात का संकेत है कि सरकारी सेवा में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर जांच एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

