नई दिल्ली: देश के करोड़ों किसानों के लिए शनिवार, 20 जून 2026 का दिन बेहद महत्वपूर्ण साबित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) के तहत लंबे समय से 23वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के खातों में आज 2,000 रुपये की सहायता राशि पहुंचने लगेगी। केंद्र सरकार इस बार 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में 18,880 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर करेगी।
यह केवल आर्थिक सहायता की एक किस्त नहीं है, बल्कि देश के उन छोटे और सीमांत किसानों के लिए राहत का बड़ा सहारा है जो खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। खेती-किसानी से जुड़े खर्च, बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के बीच मिलने वाली यह राशि किसानों के लिए समय पर मिलने वाली मदद मानी जा रही है।
पश्चिम बंगाल से प्रधानमंत्री करेंगे 23वीं किस्त जारी
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, 20 जून को देशभर में “पीएम किसान उत्सव दिवस” मनाया जाएगा। इसी अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी करेंगे।
सरकार का दावा है कि यह योजना किसानों को सीधे आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) योजनाओं में से एक है। इसके माध्यम से किसानों को बिना किसी बिचौलिये के सीधे बैंक खातों में धनराशि भेजी जाती है।
शाम 4 बजे के बाद खातों में पहुंच सकती है राशि
कई किसान सुबह से ही अपने बैंक खातों और मोबाइल संदेशों पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 2,000 रुपये की राशि आखिर कब तक खाते में पहुंचेगी।
सरकारी कार्यक्रम और तकनीकी प्रक्रिया को देखते हुए संभावना है कि किस्त जारी होने के बाद शाम करीब 4 बजे से किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर होने लगेगी। हालांकि सभी खातों में एक साथ पैसा नहीं पहुंचता। बैंकिंग नेटवर्क और तकनीकी प्रक्रिया के कारण कुछ लाभार्थियों को राशि पहुंचने में कुछ घंटे या एक-दो दिन का समय भी लग सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। यदि सभी दस्तावेज और पात्रता संबंधी शर्तें पूरी हैं तो राशि निश्चित रूप से खाते में पहुंच जाएगी।
खरीफ सीजन से पहले किसानों को मिलेगी राहत
देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की दस्तक के साथ ही खरीफ फसलों की तैयारी शुरू हो चुकी है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के लाखों किसान धान, मक्का, बाजरा, सोयाबीन और दलहन की बुवाई की तैयारी में लगे हैं।
ऐसे समय में मिलने वाली 2,000 रुपये की सहायता किसानों के लिए छोटी लेकिन महत्वपूर्ण आर्थिक मदद साबित होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह राशि बीज खरीदने, खाद लेने या खेत की प्रारंभिक तैयारी के खर्च को पूरा करने में उपयोगी होती है।
कई किसानों का कहना है कि खेती में बढ़ती लागत के बीच यह सहायता भले ही पूरी जरूरत पूरी नहीं करती, लेकिन समय पर मिलने से आर्थिक दबाव कुछ हद तक कम हो जाता है।
किस्त आने से पहले जरूर जांच लें अपना स्टेटस
सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे किस्त जारी होने से पहले अपना स्टेटस अवश्य जांच लें। कई बार तकनीकी या दस्तावेजी त्रुटियों के कारण भुगतान रुक जाता है।
इसके लिए किसान पीएम किसान पोर्टल पर जाकर “Know Your Status” विकल्प का उपयोग कर सकते हैं। वहां रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देती है।
स्टेटस में किसान यह देख सकते हैं कि—
- e-KYC पूरी हुई है या नहीं।
- आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक है या नहीं।
- भूमि संबंधी दस्तावेज सत्यापित हैं या नहीं।
- लाभार्थी की पात्रता स्वीकृत है या नहीं।
यदि सभी कॉलम के सामने “Yes” दिखाई दे रहा है तो किसान निश्चिंत रह सकते हैं कि उनकी किस्त मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी।
इन किसानों की अटक सकती है 23वीं किस्त
सरकार लगातार लाभार्थियों के रिकॉर्ड को अपडेट कर रही है। इसी कारण कुछ किसानों की किस्त रुकने की संभावना भी बनी हुई है।
सबसे बड़ा कारण e-KYC का पूरा न होना है। केंद्र सरकार ने सभी लाभार्थियों के लिए e-KYC अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों ने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें भुगतान मिलने में दिक्कत आ सकती है।
इसके अलावा निम्न कारणों से भी किस्त रुक सकती है—
- आधार कार्ड और बैंक खाते का लिंक न होना।
- बैंक खाते की गलत जानकारी।
- भूमि रिकॉर्ड में त्रुटि।
- अपात्र लाभार्थी पाए जाना।
- दस्तावेज सत्यापन लंबित होना।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को समय-समय पर अपने रिकॉर्ड अपडेट करते रहना चाहिए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पिछली किस्त कब जारी हुई थी?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को असम के गुवाहाटी से जारी की गई थी। उस समय भी करोड़ों किसानों के खातों में सीधे सहायता राशि भेजी गई थी।
अब करीब तीन महीने बाद किसानों को 23वीं किस्त का लाभ मिलने जा रहा है। योजना के तहत हर वर्ष किसानों को कुल 6,000 रुपये दिए जाते हैं, जिन्हें 2,000-2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में वितरित किया जाता है।
किसानों की आर्थिक सुरक्षा का बड़ा आधार बनी योजना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आज ग्रामीण भारत की सबसे चर्चित योजनाओं में शामिल है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह योजना एक अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा कवच का काम कर रही है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि कृषि क्षेत्र में लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रत्यक्ष नकद सहायता किसानों को खेती से जुड़े तत्काल खर्चों को पूरा करने में मदद करती है। यही वजह है कि हर नई किस्त का इंतजार देशभर के करोड़ों किसान परिवारों को रहता है।
समस्या होने पर यहां करें संपर्क
यदि किसी किसान को किस्त, पंजीकरण, e-KYC या भुगतान से जुड़ी कोई समस्या आती है तो वह पीएम किसान हेल्पलाइन से संपर्क कर सकता है।
हेल्पलाइन नंबर: 011-23381092
ईमेल: pmkisan-ict@gov.in
सरकार का कहना है कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन और ऑनलाइन सहायता व्यवस्था लगातार सक्रिय है।
क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना तथा खेती-किसानी के खर्चों में सहयोग देना है।
योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में वितरित की जाती है। वर्षों के दौरान यह योजना देश के करोड़ों किसान परिवारों तक पहुंच चुकी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
आज जारी होने वाली 23वीं किस्त के साथ करोड़ों किसान परिवारों को एक बार फिर आर्थिक संबल मिलेगा और खरीफ सीजन की तैयारियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

