मुंबई/ मुंब्रा ब्लाइंड मर्डर केस: महाराष्ट्र के ठाणे जिले से सटे मुंब्रा इलाके में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने रिश्तों, विश्वास और अपराध की भयावह तस्वीर पेश की है। जिस महिला के साथ कथित तौर पर प्रेम संबंध होने की बात सामने आई, उसी ने अपने पति और भाई के साथ मिलकर प्रेमी की हत्या की साजिश रच डाली। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे एक ड्रम में भरकर सुनसान नाले में फेंक दिया गया। कई दिनों तक यह मामला एक सामान्य गुमशुदगी जैसा दिखाई देता रहा, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच ने इसे एक हाई-प्रोफाइल मुंब्रा ब्लाइंड मर्डर केस में बदल दिया।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
गुमशुदगी से शुरू हुई जांच, मोबाइल लोकेशन बनी सबसे बड़ा सुराग
जानकारी के मुताबिक, मुंब्रा निवासी अरबाज मकसूद अली खान 3 अप्रैल 2026 को घर से काम पर जाने की बात कहकर निकला था। परिवार को उम्मीद थी कि वह रोज की तरह वापस लौट आएगा, लेकिन देर रात तक जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।
परिवार ने अपने स्तर पर तलाश शुरू की, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन अरबाज का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उसके पिता ने मुंब्रा पुलिस स्टेशन में बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पारंपरिक जांच के साथ तकनीकी निगरानी शुरू की। अरबाज के मोबाइल फोन की अंतिम लोकेशन ट्रेस की गई, जिससे पता चला कि वह आखिरी बार वर्सोवा इलाके में सक्रिय था। जांच के दौरान पुलिस को एक और अहम जानकारी मिली—अरबाज की कथित प्रेमिका मेहजबीन शेख की मोबाइल लोकेशन भी उसी समय उसी इलाके में पाई गई।
यहीं से जांच की दिशा बदल गई।
पूछताछ में टूटी चुप्पी, सामने आई खौफनाक साजिश
शक के आधार पर पुलिस ने मेहजबीन शेख को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआती दौर में महिला ने पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की और मामले से खुद को अलग बताया। हालांकि, लगातार पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के सामने आने के बाद उसने कथित तौर पर अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली।
पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया।
आरोप है कि मेहजबीन ने अपने पति हसन, भाई तारिक शेख और एक अन्य सहयोगी मुजम्मल पठान के साथ मिलकर अरबाज को जाल में फंसाने की योजना बनाई थी। कथित तौर पर अरबाज को पैसे देने या आर्थिक लेन-देन के बहाने वर्सोवा बुलाया गया।
फिरौती की मांग और बेरहमी से हत्या का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, मुलाकात के दौरान आरोपियों ने अरबाज से पैसे की मांग की। कथित तौर पर रकम को लेकर विवाद बढ़ने पर उसके हाथ बांध दिए गए और प्लास्टिक पाइप से उसकी पिटाई की गई।
जांच में सामने आया कि मारपीट इतनी गंभीर थी कि अरबाज की मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सबूत मिटाने की थी।
इसी उद्देश्य से शव को एक बड़े हरे रंग के ड्रम में रखा गया और बाद में मुंब्रा क्षेत्र के एक सुनसान नाले में फेंक दिया गया ताकि किसी को घटना की जानकारी न मिल सके।
शव ठिकाने लगाने की कोशिश, लेकिन तकनीक से बच नहीं सके आरोपी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने पूरी योजना इस तरह बनाई थी कि हत्या को गुमशुदगी या लापता होने की घटना जैसा दिखाया जा सके। लेकिन मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और तकनीकी निगरानी ने आरोपियों की कथित साजिश को उजागर कर दिया।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि आधुनिक पुलिसिंग में डिजिटल साक्ष्य और तकनीकी जांच कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कई बार ऐसे मामले, जो शुरुआती नजर में ‘ब्लाइंड मर्डर’ लगते हैं, तकनीकी विश्लेषण के जरिए सुलझ जाते हैं।
दो आरोपी गिरफ्तार, दो अब भी फरार
मुंब्रा पुलिस ने अब तक कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला मेहजबीन शेख और उसके भाई तारिक शेख को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
वहीं, आरोपी महिला का पति हसन और एक अन्य आरोपी मुजम्मल पठान अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस टीम उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
रिश्तों के नाम पर अपराध की भयावह तस्वीर
यह घटना केवल एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि रिश्तों के टूटते भरोसे और अपराध की बढ़ती जटिलता को भी दर्शाती है। प्रेम संबंध, आर्थिक विवाद और पारिवारिक मिलीभगत जैसे पहलुओं ने इस पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है।
फिलहाल मुंब्रा ब्लाइंड मर्डर केस में पुलिस हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में नए खुलासे संभव हैं।

