चारधाम यात्रा में जेबकतरा गिरोहPhoto: @chamolipolice

चमोली/ चारधाम यात्रा में जेबकतरा गिरोह: उत्तराखंड में चल रही पवित्र चारधाम यात्रा के बीच जहां लाखों श्रद्धालु आस्था के साथ धामों में दर्शन कर रहे हैं, वहीं कुछ असामाजिक तत्व इस भीड़ का फायदा उठाकर चोरी और ठगी की वारदातों को अंजाम देने की फिराक में थे। लेकिन बदरीनाथ पुलिस और एंटी थेफ्ट स्क्वाड (ATS) की सतर्कता ने ऐसे ही एक अंतरराज्यीय जेबकतरा गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है।

पुलिस की इस कार्रवाई को चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से बड़ी सफलता माना जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से लाखों रुपये के मोबाइल फोन और नकदी बरामद हुई है, जिससे यह साफ होता है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और संगठित तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहा था।


गोपनीय सूचना से शुरू हुई कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, थाना बदरीनाथ को इनपुट मिला था कि एक संगठित टप्पेबाज गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों में श्रद्धालुओं को निशाना बना रहा है। यह गिरोह विशेष रूप से मंदिर परिसर, स्नान घाटों और दर्शन लाइनों में सक्रिय था, जहां श्रद्धालु पूजा में व्यस्त रहते हैं और उनका ध्यान आसानी से भटकाया जा सकता है।

सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत रणनीति बनाई और सर्विलांस के साथ मैनुअल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए संदिग्धों पर नजर रखनी शुरू कर दी।


शिकायत से खुला मामला

27 अप्रैल को पौड़ी गढ़वाल निवासी नरेश चंद्र ने कोतवाली बदरीनाथ में शिकायत दर्ज कराई थी कि दर्शन के दौरान उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज—आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और 10 हजार रुपये नकद चोरी हो गए।

इस शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरजीत सिंह पंवार (पुलिस अधीक्षक, चमोली) ने विशेष एंटी थेफ्ट स्क्वाड का गठन किया और टीम को सख्त निर्देश दिए कि यात्रियों की सुरक्षा में कोई ढिलाई न बरती जाए।


हनुमान चट्टी के पास धराए आरोपी

पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से चार संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद हनुमान चट्टी के पास घेराबंदी कर दो संदिग्ध वाहनों को रोका गया।

तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:

  • लगभग 14 लाख रुपये मूल्य के 13 मोबाइल फोन
  • 58,860 रुपये नकद
  • वारदात में इस्तेमाल की गई दो कारें (PB 31 Y 1800 और PB 10 HV 4662)

बरामद कीं। इसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।


केदारनाथ से चोरी, बदरीनाथ में खपाने की साजिश

पूछताछ में आरोपियों ने बड़ा खुलासा किया कि वे पहले केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं के मोबाइल और कीमती सामान चोरी करते थे और फिर बदरीनाथ में नई वारदातों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।

बरामद मोबाइल फोन में से एक आईफोन के संबंध में थाना सोनप्रयाग में पहले से ही मुकदमा दर्ज है। इससे यह स्पष्ट होता है कि गिरोह राज्य के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर सक्रिय था और लगातार यात्रियों को निशाना बना रहा था।


कौन हैं आरोपी?

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार की है:

  • कृष्ण कुमार (28 वर्ष), निवासी बठिंडा, पंजाब
  • दीया (25 वर्ष), निवासी बठिंडा, पंजाब
  • सुनील कुमार (26 वर्ष), मूल निवासी भरतपुर, राजस्थान (वर्तमान पता बठिंडा)
  • ललित कुमार (31 वर्ष), निवासी अलवर, राजस्थान

ये सभी आरोपी अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य हैं और पेशेवर तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।


श्रद्धालुओं के लिए पुलिस की एडवाइजरी

चारधाम यात्रा के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है।

  • भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने सामान का विशेष ध्यान रखें
  • मोबाइल, पर्स और दस्तावेज सुरक्षित स्थान पर रखें
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें

खोए मोबाइल ऐसे मिलेंगे वापस

चमोली पुलिस ने बताया कि जिन श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन चोरी हुए हैं, वे अपने वैध दस्तावेज (बिल/बॉक्स) के साथ थाना सोनप्रयाग या कोतवाली बदरीनाथ में संपर्क कर सकते हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें उनका सामान वापस सौंप दिया जाएगा।


सुरक्षा और भरोसे की बड़ी परीक्षा

चारधाम यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी चुनौती होती है। इस कार्रवाई से जहां पुलिस की सक्रियता और सतर्कता सामने आई है, वहीं यह भी स्पष्ट हो गया है कि भीड़ का फायदा उठाकर अपराधी (चारधाम यात्रा में जेबकतरा गिरोह) किस तरह सक्रिय हो सकते हैं।

ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ श्रद्धालुओं की जागरूकता भी बेहद जरूरी है, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे।

By Bhaskar

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