Virat Kohli ICC ODI Rankings
वडोदरा / नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शुमार Virat Kohli ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि क्लास स्थायी होती है। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के पहले मुकाबले में शानदार अर्धशतक जड़ने के बाद विराट कोहली ने ICC ODI बल्लेबाज़ रैंकिंग (Virat Kohli ICC ODI Rankings) में शीर्ष स्थान दोबारा हासिल कर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय कप्तान Rohit Sharma को पीछे छोड़ते हुए नंबर-1 की कुर्सी पर वापसी की है।
37 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करना अपने आप में खास है, क्योंकि कोहली जुलाई 2021 के बाद पहली बार वनडे रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचे हैं। वहीं, रोहित शर्मा एक स्थान फिसलकर तीसरे नंबर पर खिसक गए हैं।
वडोदरा में अर्धशतक और रैंकिंग की छलांग
न्यूजीलैंड के खिलाफ वडोदरा में खेले गए पहले वनडे में विराट कोहली ने दबाव के बीच जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए अर्धशतक जड़ा। इस पारी ने न सिर्फ भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि ICC की ताज़ा वनडे बल्लेबाज़ रैंकिंग (Virat Kohli ICC ODI Rankings) में भी बड़ा बदलाव ला दिया।
कोहली की इस पारी ने यह साफ कर दिया कि उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है। उनकी फिटनेस, बल्लेबाज़ी की निरंतरता और बड़े मौकों पर रन बनाने की भूख आज भी वैसी ही है, जैसी एक दशक पहले थी।
आंकड़े जो विराट की महानता बयां करते हैं
विराट कोहली के हालिया वनडे प्रदर्शन को देखें तो यह किसी सपने से कम नहीं लगता। उनके पिछले पांच वनडे स्कोर इस प्रकार हैं:
- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 74
- दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 135
- दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 102
- दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 65
- न्यूजीलैंड के खिलाफ 93
इन पारियों ने यह दिखा दिया कि कोहली सिर्फ एक सीरीज़ या एक टीम के खिलाफ नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में रन बनाने की क्षमता रखते हैं। यही निरंतरता उन्हें बाकी बल्लेबाज़ों से अलग बनाती है।
11वीं बार नंबर-1, एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड
विराट कोहली ने पहली बार अक्टूबर 2013 में ICC ODI बल्लेबाज़ रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया था। अब तक यह उनकी 11वीं अलग-अलग बार नंबर-1 बनने की कहानी है।
अब तक कोहली कुल 825 दिनों तक ICC ODI रैंकिंग में शीर्ष पर रह चुके हैं। यह किसी भी खिलाड़ी द्वारा हासिल किया गया 10वां सबसे बड़ा आंकड़ा है, जबकि भारतीय बल्लेबाज़ों में यह रिकॉर्ड सबसे ज्यादा है।
यह आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि कोहली सिर्फ एक पीढ़ी के नहीं, बल्कि कई दौर के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज़ रहे हैं।
अन्य भारतीय बल्लेबाज़ों की स्थिति
भारत के मौजूदा वनडे कप्तान Shubman Gill ने ICC ODI बल्लेबाज़ रैंकिंग में अपना पांचवां स्थान बरकरार रखा है। गिल लगातार अच्छे प्रदर्शन के जरिए भारतीय बल्लेबाज़ी की रीढ़ बनते जा रहे हैं।
इसके अलावा Shreyas Iyer टॉप-10 में जगह बनाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज़ हैं। श्रेयस की मौजूदगी यह दिखाती है कि भारत की वनडे बल्लेबाज़ी सिर्फ कोहली और रोहित तक सीमित नहीं है।
न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों को भी फायदा
ICC रैंकिंग में न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों को भी फायदा मिला है। ऑलराउंडर Daryl Mitchell ने पहले वनडे में 71 गेंदों में 84 रन की विस्फोटक पारी खेलकर एक स्थान की छलांग लगाई है। वह अब कोहली से सिर्फ एक रेटिंग अंक पीछे हैं। कोहली के 785 रेटिंग अंक हैं, जबकि मिचेल उनसे बेहद करीब पहुंच चुके हैं।
न्यूजीलैंड के ही बल्लेबाज़ Devon Conway ने भी तीन स्थान की छलांग लगाते हुए 29वां स्थान हासिल किया है। टॉप ऑर्डर में उनकी निरंतरता न्यूजीलैंड के लिए सकारात्मक संकेत है।
गेंदबाज़ों की रैंकिंग में बदलाव
ICC ODI गेंदबाज़ रैंकिंग में भी अहम बदलाव देखने को मिले हैं। भारतीय तेज़ गेंदबाज़ Mohammed Siraj ने पांच स्थान की छलांग लगाकर 15वां स्थान हासिल किया है। वह अब बांग्लादेश के Mehidy Hasan Miraz के साथ संयुक्त रूप से इस पोज़िशन पर हैं।
न्यूजीलैंड के तेज़ गेंदबाज़ Kyle Jamieson ने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (4 विकेट 41 रन) के बाद 27 स्थान की बड़ी छलांग लगाई है। वह अब संयुक्त रूप से 69वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जहां वह भारत के युवा तेज़ गेंदबाज़ Arshdeep Singh के साथ मौजूद हैं।
भारतीय क्रिकेट के लिए क्या मायने रखती है यह वापसी?
विराट कोहली की नंबर-1 रैंकिंग में वापसी सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह भारतीय क्रिकेट के आत्मविश्वास को भी मजबूती देती है, खासकर ऐसे समय में जब टीम भविष्य की बड़ी ICC प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रही है।
कोहली का फॉर्म यह संकेत देता है कि भारत के पास अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन मिश्रण है। रोहित शर्मा, शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर और विराट कोहली जैसे बल्लेबाज़ों की मौजूदगी भारत को वनडे क्रिकेट में एक मजबूत दावेदार बनाती है।
निष्कर्ष
Virat Kohli ICC ODI Rankings में शीर्ष पर वापसी भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है। 37 की उम्र में भी जिस निरंतरता और भूख के साथ कोहली रन बना रहे हैं, वह उन्हें इस दौर का सबसे महान बल्लेबाज़ बनाती है।
यह उपलब्धि न सिर्फ उनके करियर की लंबी उम्र को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि विराट कोहली का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। आने वाले मुकाबलों में अगर उनका यही फॉर्म जारी रहता है, तो ICC रिकॉर्ड बुक में कई और नए अध्याय जुड़ने तय हैं।

