Uttarakhand Creators Meet-2025

देहरादून, 08 दिसंबर, 2025। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राजधानी देहरादून में आयोजित भव्य “उत्तराखंड क्रिएटर्स मीट–2025” को संबोधित करते हुए कहा कि देश में तेजी से बदलते डिजिटल परिदृश्य में सोशल मीडिया क्रिएटर्स केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गए हैं, बल्कि अब वे नीतिगत फैसलों, सामाजिक जागरूकता और जनहित संवाद को नई दिशा देने वाले प्रमुख “सोशल चेंज मेकर्स” के रूप में उभर रहे हैं।

राज्य में पहली बार आयोजित इस बड़े डिजिटल इवेंट में देशभर से आए यूट्यूबर्स, इंस्टाग्राम क्रिएटर्स, पत्रकारों, डिजिटल उद्यमियों और विभिन्न क्षेत्रों के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर डिजिटल तकनीक के समाज पर प्रभाव, कंटेंट क्रिएशन की जिम्मेदारी और राज्य सरकार की डिजिटल पहल पर विस्तृत रूप से बात की।


“सोशल मीडिया सरकार और जनता के बीच सबसे मजबूत सेतु बन गया है” — मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले एक दशक में सोशल मीडिया की भूमिका में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि आज यह केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि शासन को पारदर्शी, जवाबदेह और तीव्र गति से आगे बढ़ाने वाली शक्ति बन चुकी है।

सीएम ने कहा:

“सोशल मीडिया ने सरकार और जनता के बीच संवाद की दूरी खत्म कर दी है। आज उत्तराखंड सरकार का हर विभाग, हर अधिकारी, हर जनप्रतिनिधि सोशल मीडिया के माध्यम से सीधे जनता से जुड़ा हुआ है। यह प्लेटफॉर्म अब सबसे मजबूत सेतु है, जहां जनता की आवाज सीधे हम तक पहुँचती है।”

उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और समाधान की तेज प्रक्रिया का सबसे प्रभावी साधन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म है।


“एक ट्वीट से होता है तत्काल समाधान” — धामी

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर स्वीकार किया कि सोशल मीडिया ने प्रशासनिक संरचना के पारंपरिक ढांचे को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने कहा:

“पहले किसी समस्या को सुनवाई तक पहुँचाने में हफ्तों लग जाते थे। आज स्थिति बदल गई है। अब एक ट्वीट से तत्काल कार्रवाई होती है। मुख्यमंत्री कार्यालय, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, बिजली—हर विभाग सोशल मीडिया पर सक्रिय है। कहीं सड़क पर गड्ढा हो, बिजली कटौती हो या किसी की समस्या—एक ट्वीट पर तुरंत समाधान निकलता है।”

सीएम ने कहा कि जनता की आवाज अब सीधे सरकार तक पहुँच रही है, और शासन इससे अधिक उत्तरदायी और जनकेंद्रित बना है।


डिजिटल उत्तराखंड की दिशा में मजबूत कदम

सीएम धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया दृष्टि से प्रेरित होकर उत्तराखंड में भी डिजिटल परिवर्तन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अगले कुछ वर्षों में उत्तराखंड को पूरी तरह डिजिटल-ड्रिवन गवर्नेंस मॉडल की ओर ले जाने के लिए काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि:

  • राज्य में ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर,

  • डिजिटल पर्यटन प्रमोशन,

  • डिजास्टर मैनेजमेंट में हाई-टेक तकनीक,

  • सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और त्वरित प्रतिक्रिया सिस्टम,

जैसी कई डिजिटल पहलों से सामान्य नागरिकों तक सुविधाओं की पहुंच को आसान बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में डिजिटल तकनीक की भूमिका और व्यापक होने वाली है, इसलिए सामाजिक संवाद में सकारात्मकता और जिम्मेदार क्रिएशन बेहद आवश्यक है।


उत्तराखंड क्रिएटर्स को सीएम की अपील: “सकारात्मक कंटेंट बनाएं, राज्य की पहचान दुनिया तक ले जाएं”

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे गलत सूचना, फेक न्यूज़ और नकारात्मक प्रचार से बचें और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक की भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा:

“आप सबके पास आज ऐसा प्रभाव है जो किसी बड़े मीडिया हाउस के बराबर है। लोग आप पर भरोसा करते हैं। इसलिए आपका कंटेंट समाज को प्रभावित करता है—या तो प्रेरित करता है या भ्रमित भी कर सकता है। इसलिए उत्तराखंड की सकारात्मक कहानी, संस्कृति, पर्यटन, प्राकृतिक धरोहर और विकास यात्रा को दुनिया तक पहुँचाने में सहयोग करें।”

उन्होंने कहा कि राज्य में फिल्म नीति, टूरिज्म प्रमोशन, होमस्टे मॉडल और सरकारी योजनाओं में क्रिएटर्स की बड़ी भूमिका है।


डिजिटल उद्यमिता और रोजगार में क्रिएटर्स की भूमिका

कार्यक्रम में सीएम धामी ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में सोशल मीडिया और डिजिटल उद्यमिता ने युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर खोले हैं। उन्होंने कहा:

  • हजारों युवा कंटेंट क्रिएशन, एडिटिंग, डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांड प्रमोशन,

  • ई-कॉमर्स,

  • लोकल उत्पादों के डिजिटल ब्रांडिंग

के माध्यम से आय अर्जित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि डिजिटल उद्यमिता भविष्य का बड़ा उद्योग है और सरकार इस दिशा में स्टार्टअप्स और क्रिएटर्स को अधिक प्रोत्साहन देगी।


कार्यक्रम में विभिन्न सत्रों का आयोजन

क्रिएटर्स मीट–2025 के दौरान कई महत्वपूर्ण सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें शामिल थे—

  • “डिजिटल गवर्नेंस और जनता से सीधा संवाद”

  • “उत्तराखंड की ब्रांडिंग में सोशल मीडिया की भूमिका”

  • “क्रिएटर इकोनॉमी का भविष्य”

  • “फेक न्यूज़ और डिजिटल एथिक्स”

इन सत्रों में देशभर के प्रख्यात कंटेंट क्रिएटर्स और डिजिटल रणनीतिकारों ने अपने अनुभव साझा किए।


निष्कर्ष

“उत्तराखंड क्रिएटर्स मीट–2025” केवल एक सांस्कृतिक या रचनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह राज्य सरकार द्वारा डिजिटल युग की नई शक्ति को मान्यता देने का प्रतीक है। मुख्यमंत्री धामी का यह संदेश कि कंटेंट क्रिएटर्स अब परिवर्तन लाने वाले ‘सोशल चेंज मेकर्स’ हैं, डिजिटल शासन और भविष्य की सामाजिक दिशा दोनों को दर्शाता है।

सोशल मीडिया आज सरकार और जनता के बीच सबसे मजबूत संवाद सेतु बन चुका है, और मुख्यमंत्री का यह संबोधन यह स्पष्ट संकेत देता है कि उत्तराखंड आने वाले वर्षों में डिजिटल, उत्तरदायी और नवोन्मेषी शासन मॉडल की दिशा में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने जा रहा है।

By Bhaskar

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