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Uttarakhand: 63वाँ होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस: सीएम धामी बोले— “जवानों का समर्पण अदम्य, उनके कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध”

63rd Home Guards and Civil Defence Foundation Day

देहरादून, 08 दिसंबर 2025। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून के ननूरखेड़ा स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित 63वें होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस समारोह में प्रतिभाग कर राज्यभर के जवानों को उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने रैतिक परेड का निरीक्षण किया और उत्कृष्ट परेड प्रदर्शन के लिए जवानों की अनुशासन, साहस और प्रतिबद्धता की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की स्मारिका–2025 और कैलेंडर–2026 का विमोचन किया। साथ ही सेवा के दौरान दिवंगत हुए होमगार्ड्स के आश्रितों और लंबी सेवा देने वाले स्वयंसेवकों को आर्थिक सहायता एवं सम्मानित चेक वितरित किए।


वर्दी भत्ता अनुमन्य—लंबे समय से लंबित मांग पूरी

समारोह का प्रमुख आकर्षण मुख्यमंत्री द्वारा की गई वह घोषणा रही, जिसका हजारों होमगार्ड स्वयंसेवकों को लंबे समय से इंतजार था। सीएम धामी ने कहा कि अब राज्य में होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए वर्दी भत्ता अनुमन्य किया जाएगा, जिसे एक ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए उन्होंने कहा कि होमगार्ड्स को अपने कार्यक्षेत्र के अनुरूप सम्मान मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निरंतर इस संगठन की मजबूती और जवानों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।


ड्यूटी और प्रशिक्षण भत्तों में महत्वपूर्ण वृद्धि

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने होमगार्ड्स के भत्तों में बढ़ोतरी से जुड़े कई अहम निर्णयों की घोषणा की।

अंतरजनपदीय ड्यूटी भोजन भत्ता बढ़ा

अब होमगार्ड स्वयंसेवकों को 100 रुपये की जगह 150 रुपये प्रतिदिन भोजन भत्ता दिया जाएगा। यह वृद्धि उन स्वयंसेवकों के लिए खास महत्वपूर्ण है जो दिन-रात विभिन्न जिलों में ड्यूटी निभाते हैं।

नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण भत्ता तीन गुना बढ़ा

नागरिक सुरक्षा संगठन के स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण भत्ता 50 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। इससे प्रशिक्षण में भाग लेने वाले जवानों के मनोबल में बड़ी वृद्धि होगी।

सीएम धामी ने कहा कि ये सभी बढ़ोतरी “जवानों की तपस्या और प्रतिबद्धता का सम्मान” हैं, जो वे विपरीत परिस्थितियों में भी निभाते हैं।


“जवानों का समर्पण अदम्य, परेड देखने लायक” — सीएम धामी

परेड का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने कहा:

“परेड में जवानों का अनुशासन, कौशल और राष्ट्रसेवा का भाव स्पष्ट दिखाई देता है। होमगार्ड्स किसी भी परिस्थिति में बिना विचलित हुए अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं— चाहे प्राकृतिक आपदा हो, कानून-व्यवस्था की चुनौती हो या बड़े धार्मिक आयोजन।”

उन्होंने कहा कि होमगार्ड्स राज्य की सुरक्षा प्रणाली का अभिन्न अंग हैं और सरकार उनके हितों की रक्षा और संगठन को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।


होमगार्ड्स के हित में हाल के वर्षों के महत्वपूर्ण निर्णय

सीएम धामी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने संगठन के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनसे हजारों स्वयंसेवक सीधे लाभान्वित हुए हैं। इनमें शामिल हैं—

पहली बार होमगार्ड्स के लिए 12 आकस्मिक अवकाश

यह सुविधा पहली बार लागू की गई है, जिससे स्वयंसेवकों को अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह आकस्मिक अवसरों पर अवकाश लेने का अधिकार मिलेगा।

महिला होमगार्ड्स के लिए प्रसूति अवकाश

महिला स्वयंसेवकों के लिए यह महत्वपूर्ण अधिकार लागू किया गया है। इससे संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें सुरक्षित कार्य वातावरण मिलेगा।

ऊंचाई पर ड्यूटी करने वालों के लिए प्रोत्साहन राशि

अब 9000 फीट से अधिक ऊंचाई पर तैनात होमगार्ड्स को 200 रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जैसा कि पुलिस और एनडीआरएफ कर्मियों के लिए प्रावधान है।

एसडीआरएफ के साथ प्रशिक्षित जवानों को अतिरिक्त राशि

एसडीआरएफ के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले जवानों को 100 रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे आपदा प्रबंधन में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी करने वाले जवानों को सम्मान और सहयोग प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।


हर मोर्चे पर सक्रिय—कुंभ, कांवड़ यात्रा से लेकर चारधाम तक

सीएम धामी ने राज्य में होमगार्ड्स के व्यापक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संगठन केवल कानून-व्यवस्था या ट्रैफिक प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के हर छोटे-बड़े आयोजन और संकट में अग्रिम पंक्ति में खड़ा रहता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “राज्य सरकार उनके साहस को सलाम करती है और संगठन के विकास के लिए आगामी वर्षों में और भी कदम उठाए जाएंगे।”


जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति से कार्यक्रम बना गरिमामय

कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विभागीय प्रमुख उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति ने समारोह की गरिमा और बढ़ा दी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे—


निष्कर्ष

63वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री द्वारा किए गए घोषणाएँ स्पष्ट संकेत देती हैं कि उत्तराखंड सरकार होमगार्ड्स को राज्य की सुरक्षा प्रणाली का आधार स्तंभ मानती है। वर्दी भत्ता, भत्ता वृद्धि, प्रसूति अवकाश, आकस्मिक अवकाश और ऊंचाई प्रोत्साहन राशि जैसे निर्णय संगठन को अधिक सशक्त बनाएंगे।

अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सेवा देने वाले इन जवानों के मनोबल को बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए ये कदम न केवल संगठन को मजबूत करेंगे, बल्कि राज्य की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन तंत्र को भी नई मजबूती देंगे।

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